वार्ड पार्षद राजा बाबू ठाकुर हत्याकांड में कार्रवाई का आश्वासन, टला कर्पूरी सेना का विरोध मार्च
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: माँझी नगर पंचायत के वार्ड पार्षद राजा बाबू ठाकुर हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कर्पूरी सेना द्वारा गुरुवार को प्रस्तावित विरोध मार्च पुलिस की सूझबूझ और समझाइश के बाद टल गया। हालांकि मृतक के दरवाजे पर जुटे कर्पूरी सेना के नेताओं और समर्थकों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया।
मृतक के गोंढा स्थित आवास पर पहुंचे एकमा सर्किल इंस्पेक्टर किरण शंकर एवं माँझी थानाध्यक्ष बिनोद कुमार ने कर्पूरी सेना के नेताओं तथा परिजनों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही उनके घरों पर इश्तेहार चस्पा किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
इस दौरान कर्पूरी सेना के नेताओं ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ उन्हें फांसी की सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मृतक के दरवाजे पर कर्पूरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिन्स ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, संदीप शर्मा, राजेन्द्र ठाकुर, नीरज ठाकुर, पंकज ठाकुर, राजू ठाकुर तथा नागेन्द्र ठाकुर समेत बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। इसके अलावा मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विशाल कुमार उर्फ बिट्टू राय तथा उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा सिंह पहलवान सहित सैकड़ों लोग भी मौके पर जुटे रहे।
संभावित विरोध मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुबह से ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस एवं सैप जवानों की तैनाती कर दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
गौरतलब है कि बीते 24 अप्रैल की देर शाम वार्ड पार्षद राजा बाबू ठाकुर के तिलकोत्सव की पूर्व संध्या पर अपराधियों ने चाकू मारकर उन्हें तथा दो अन्य परिजनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के लिए छपरा ले जाने के दौरान रास्ते में ही राजा बाबू ठाकुर की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही सुरक्षा के मद्देनजर मृतक के घर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

