2032 में सतयुग आने की चर्चा भ्रामक, तृतीय विश्व युद्ध की आशंका प्रबल : जगद्गुरु ब्रम्हदेवाचार्य
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु ब्रम्हदेवाचार्य जी महाराज ने वर्ष 2032 में सतयुग आने तथा प्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न होने को लेकर चल रही चर्चाओं को भ्रामक बताया है। मांझी नगर पंचायत के दक्षिण टोला स्थित मुनु पाण्डेय के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ धर्माचार्यों द्वारा उड़िया भाषा में लिखित ‘भविष्य मालिका’ नामक पुस्तक के आधार पर फैलायी जा रही बातें सनातन धर्म के मूल वैदिक सिद्धांतों से मेल नहीं खातीं।
उन्होंने युग परिवर्तन के वैदिक रहस्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि नियत समय से पूर्व किसी युग का परिवर्तन संभव नहीं है। भगवान का कल्कि अवतार भी निर्धारित काल में ही होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विश्व स्तर पर अस्थिरता और संघर्ष का दौर है तथा आने वाले छह वर्षों के भीतर तृतीय विश्व युद्ध की प्रबल संभावना दिखाई दे रही है। इसके साथ ही वैश्विक महामारी और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म ग्रंथों में भी ऐसे संकेतों का उल्लेख मिलता है।
जगद्गुरु ब्रम्हदेवाचार्य ने कहा कि युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव विश्व के अधिकांश देशों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है, लेकिन धर्मप्रधान राष्ट्र होने के कारण भारत पर इसका सीमित प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत आर्थिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक रूप से अधिक शक्तिशाली एवं समृद्ध राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
उन्होंने बताया कि लगभग 26 वर्ष पूर्व मांझी के बाबा मद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में उन्होंने श्री रुद्र महायज्ञ कराया था। अब तक वे देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 70 महायज्ञ संपन्न करा चुके हैं। बातचीत के दौरान श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही और लोगों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

