सारण: गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा भारी, आशा कार्यकर्ता की छीनी गई नौकरी
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मढ़ौरा प्रखंड की एक आशा कार्यकर्ता को चयन मुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले जाने तथा मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद की गई है।
जानकारी के अनुसार मढ़ौरा प्रखंड के ओलहनपुर गांव की आशा कार्यकर्ता इंदु देवी कुछ माह पूर्व एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर गई थीं। इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निजी अस्पताल एवं आशा कार्यकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मामले में कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार यदि कोई आशा कार्यकर्ता किसी आपराधिक मामले में अभियुक्त पाई जाती है अथवा 48 घंटे से अधिक समय तक कार्य से निलंबित या कार्यनिरुद्ध रहती है, तो उसे चयन मुक्त करने का प्रावधान है। इसी नियम के तहत मढ़ौरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पत्र के आधार पर आशा कार्यकर्ता इंदु देवी को चयन मुक्त कर दिया गया।
सिविल सर्जन ने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की छवि खराब करने वाले मामलों पर आगे भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

