जीविका दीदियों की ‘उड़ान’, पोशाक निर्माण से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
सिवान (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: समाहरणालय सिवान की सूचना जनसंपर्क शाखा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पचरुखी प्रखंड अंतर्गत संचालित उड़ान CLF से जुड़ी जीविका दीदियों ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। इन महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आईसीडीएस पोशाक निर्माण का कार्य शुरू कर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की एक नई कहानी भी लिखी है।
पहले ये महिलाएं घरेलू कार्यों तक ही सीमित थीं और आर्थिक रूप से परिवार पर निर्भर रहती थीं। लेकिन जीविका परियोजना के तहत मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधनों की मदद से उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का कौशल सीखा और संगठित रूप से पोशाक निर्माण कार्य की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह प्रयास उनके लिए स्थायी आजीविका का माध्यम बन गया।
उड़ान CLF के माध्यम से इन दीदियों को आंगनबाड़ी (ICDS) केंद्रों के लिए यूनिफॉर्म तैयार करने का ऑर्डर मिला, जिसे उन्होंने समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया। इसके परिणामस्वरूप उन्हें नियमित आय मिलने लगी और आज वे हर महीने अच्छी कमाई कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं।
इस पहल से न केवल इन महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी यह एक प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। अब अधिक महिलाएं जीविका से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सिवान ने बताया कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने कौशल के बल पर आत्मनिर्भर बन सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
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