मांझी के ऐतिहासिक मठ में पहुँची संस्कृति पदाधिकारी, 500 साल पुरानी धरोहर का किया अवलोकन
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले की कला एवं संस्कृति पदाधिकारी डॉ. विभा भारती सिंह ने मंगलवार को मांझी प्रखंड के भभौली स्थित उदासीन पंथ से जुड़े ऐतिहासिक एवं पौराणिक मठ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महंतों द्वारा सैकड़ों वर्षों से सुरक्षित रखे गए गुरु ग्रंथ साहिब नामक धार्मिक ग्रंथ का भी गहन मुआयना किया और इसके संरक्षण को लेकर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारी ने वर्तमान महंत दीन दयाल जी महाराज के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इतने वर्षों तक इस अमूल्य धार्मिक धरोहर को सुरक्षित रखना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों और ग्रंथों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मौके पर उपस्थित जिले के वरीय लोकगायक उदय नारायण सिंह तथा समाजसेवी मुन्ना सिंह ने मठ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मठ लगभग पांच सौ वर्ष पुराना है। उन्होंने कहा कि मठ की प्राचीन दीवारें और संरचनाएं आज भी इसकी ऐतिहासिकता की पुष्टि करती हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनाती हैं।
डॉ. सिंह ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पांडुलिपियों एवं हस्तलिपियों की खोज के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि उनके पास कोई पुरानी पांडुलिपि या हस्तलिपि है तो वे इस अभियान में सहयोग करें, ताकि इन धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार शेष बची पांडुलिपियों और हस्तलिपियों के संरक्षण के लिए ठोस योजना पर कार्य कर रही है।
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