कायाकल्प के रैंकिंग में मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य में अव्वल, 15 लाख का मिलेगा इनाम
• कायाकल्प के रैंकिंग में 96.46 प्रतिशत अंक के साथ हासिल किया पहला स्थान
• अब राज्य सरकार से मिलेगा 15 लाख रूपये का इनाम
• जिले के 14 स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा 1-1 लाख का सांत्वना पुरस्कार
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और मरीज-हितैषी बनाने की दिशा में किए जा रहे लगातार प्रयास अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं। इसी का परिणाम है कि कायाकल्प योजना की राज्य स्तरीय रैंकिंग में सारण जिले के मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्र को 96.46 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर राज्य सरकार द्वारा 15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कायाकल्प योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करना है। इस योजना के तहत अस्पतालों का मूल्यांकन स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, हाईजीन प्रमोशन, सहायक सेवाएं, अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं जैसे कुल आठ मानकों पर किया जाता है। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए मांझी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोहित कुमार की मेहनत और समर्पण की सराहना हो रही है।
14 स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा 1-1 लाख का सांत्वना पुरस्कार:
मांझी सीएचसी की इस सफलता के साथ ही जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। जिले के 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 2 रेफरल अस्पताल और 1 अनुमंडलीय अस्पताल को कायाकल्प योजना के तहत सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1-1 लाख रुपये दिए जाएंगे। जिन संस्थानों का चयन किया गया है उनमें अमनौर, दिघवारा, दरियापुर, परसा, रिविलगंज, मशरक, जलालपुर, गड़खा, एकमा, इसुआपुर और नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ बनियापुर और मढ़ौरा रेफरल अस्पताल तथा सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल शामिल हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में हुआ व्यापक सुधार:
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले कुछ वर्षों में व्यापक सुधार किया गया है। अब अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध है। सुरक्षित प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, ओपीडी सेवाएं और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा आधुनिक प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी विकसित की गई है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों को इको-फ्रेंडली बनाने की दिशा में भी काम किया गया है। कई केंद्रों में हर्बल गार्डन, वर्मी कम्पोस्ट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और शौचालय की सुविधा में भी सुधार किया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस कार्य में जिला से लेकर प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों की मेहनत और समर्पण के बदौलत हीं यह उपलब्धि हासिल हुई है। जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और कर्मी तथा जिलास्तरीय पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कायाकल्प योजना के तहत मिले इस सम्मान से न केवल स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही योजना और निरंतर प्रयास से सरकारी अस्पतालों को भी बेहतर, स्वच्छ और आधुनिक बनाया जा सकता है। आने वाले समय में इस दिशा में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
8 मुख्य बिंदुओं पर किया जाता है मूल्यांकन:
• अस्पताल का रख-रखाव
• स्वच्छता और साफ-सफाई
• वेस्ट प्रबंधन
• संक्रमण नियंत्रण
• सपोर्ट सेवायें
• हाईजीन प्रमोशन
• बाउण्ड्री वॉल के आस पास साफ-सफाई
• इको फैन्डली अस्पताल
सभी अस्पतालों को और अधिक आधुनिक की दिशा में करेंगे काम:
डीपीसी रमेशचंद्र कुमार ने कहा कि कायाकल्प योजना के तहत मिले इस सम्मान से न सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि इससे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी। आने वाले समय में हम सभी अस्पतालों को और अधिक आधुनिक, स्वच्छ और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में काम करते रहेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार हो रहा है सुधार:
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने कहा कि जिले के 14 स्वास्थ्य संस्थानों को सांत्वना पुरस्कार मिलना इस बात का संकेत है कि पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सारण के अधिक से अधिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।
क्या कहते हैं डीएम-
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि कायाकल्प योजना में मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का राज्य में पहला स्थान प्राप्त करना पूरे सारण जिले के लिए गर्व की बात है। यह सफलता स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में और सुधार किया जाए।

