मुखिया जी के चौपाल से सर्वाइकल कैंसर पर वार
मुखिया जी करेंगे एचपीवी टीकाकरण के लिए बेटियों को जागरूक
• एचपीवी टीकाकरण अभियान में पंचायती राज विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण
• आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा
• किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे मुखिया और वार्ड सदस्य
सारण (बिहार): महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए सरकार ने अब जमीनी स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे HPV टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायती राज विभाग को भी इसमें शामिल किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी से अब यह अभियान गांव-गांव तक पहुंचेगा और अधिक से अधिक किशोरियों को इस जानलेवा बीमारी से बचाने का लक्ष्य रखा गया है।
छपरा सहित पूरे बिहार में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहे HPV टीकाकरण अभियान को व्यापक रूप देने के लिए पंचायती राज विभाग ने सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पंचायती राज विभाग की भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाएंगे। आशा, एएनएम, CHO और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर लक्षित किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। पंचायत स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाएगी।
घर-घर सर्वे और माइक्रो प्लानिंग
• आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।
• लक्षित किशोरियों की ड्यू लिस्ट (Due List) तैयार की जाएगी।
• क्लस्टर आधारित योजना के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और उपकेंद्रों पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
क्या है सर्वाइकल कैंसर और कैसे फैलता है?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा को प्रभावित करने वाला एक गंभीर और जानलेवा रोग है, जो मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण और जागरूकता के जरिए इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार में Gardasil (HPV) वैक्सीन की एकल खुराक के माध्यम से किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है।
कौन हैं इस अभियान के लक्षित लाभार्थी
इस अभियान के तहत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियां पात्र होंगी। वे बालिकाएं भी शामिल होंगी, जो अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की हो जाएंगी। जिन किशोरियों को पहले से HPV का टीका लग चुका है, उन्हें दोबारा टीका नहीं दिया जाएगा।
इन परिस्थितियों में नहीं दिया जाएगा टीका
सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गंभीर या मध्यम बीमारी से पीड़ित बालिकाओं को बीमारी के दौरान टीका नहीं दिया जाएगा। जिनको पहले किसी टीके से एलर्जी हुई हो या Yeast से एलर्जी हो, उन्हें टीका नहीं लगेगा। गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण नहीं किया जाएगा। लक्षित आयु वर्ग से बाहर की बालिकाओं को शामिल नहीं किया जाएगा।
कैसे चलेगा यह अभियान
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुरेंद्र महतो ने बताया कि यह अभियान प्रारंभिक चरण में तीन महीने तक विशेष अभियान के रूप में चलाया जाएगा। राज्य के सभी 24x7 कार्यरत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (जिला अस्पताल, पीएचसी आदि) पर टीकाकरण होगा। टीकाकरण का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके बाद इसे नियमित टीकाकरण सत्रों में शामिल कर निरंतर जारी रखा जाएगा।
टीकाकरण की प्रक्रिया और तकनीकी पहलू
टीका बाएं ऊपरी बांह (Left Upper Arm) में 0.5 मिलीलीटर की एकल खुराक के रूप में इंट्रामस्कुलर (IM) दिया जाएगा। टीकाकरण के समय माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति अनिवार्य होगी। टीका लगने के बाद लाभार्थी को कम से कम 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा।
बिहार देश का पहला राज्य जहां मिल रही है मुफ्त टीका:
बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को मुफ्त HPV टीकाकरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। मुफ्त टीकाकरण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को भी इस घातक बीमारी से सुरक्षा मिल सकेगी। इससे न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि आने वाले समय में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाने में भी यह कदम बेहद कारगर साबित होगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से निगरानी
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग U-WIN पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण, रिकॉर्डिंग और रिपोर्टिंग डिजिटल तरीके से होगी। लाभार्थी स्वयं या ऑन-साइट पंजीकरण करा सकते हैं। आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य पहचान पत्र आवश्यक होंगे।
सुरक्षा और AEFI प्रबंधन पर विशेष ध्यान
टीकाकरण के दौरान और बाद में संभावित दुष्प्रभावों को लेकर विशेष तैयारी की गई है।
संभावित सामान्य लक्षण:
• इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन
• हल्का बुखार
• सिरदर्द, थकान या चक्कर
प्रबंधन के उपाय:
• पैरासिटामोल देना
• पर्याप्त पानी और आराम
• ठंडी पट्टी लगाना
सभी टीकाकरण केंद्रों पर:
• AEFI किट उपलब्ध रहेगी
• नजदीकी 24x7 स्वास्थ्य केंद्र से लिंक रहेगा
• आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था सक्रिय रहेगी
सत्र स्थल पर जरूरी सुविधाएं
• बैठने की समुचित व्यवस्था
• स्वच्छ पेयजल और शौचालय
• हवादार और साफ वातावरण
• जरूरत पड़ने पर बेड की व्यवस्था
• खाली पेट आए लाभार्थियों के लिए हल्का नाश्ता
जागरूकता और जनभागीदारी पर जोर
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा कि इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम, अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व की जानकारी , किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकता है। पंचायत स्तर तक इसकी पहुंच से न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि टीकाकरण का लक्ष्य भी तेजी से पूरा होगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

