गर्मी से पहले प्रशासन अलर्ट, पेयजल आपूर्ति और हीट वेव से बचाव के लिए डीएम ने दिए सख्त आदेश
सारण (बिहार): भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति और हीट वेव से बचाव के उपायों को लेकर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अगले 10 दिनों के भीतर सभी खराब चापाकलों और नल-जल योजनाओं की मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह चालू किया जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में करीब 900 खराब चापाकलों की सूची तैयार की गई है, जिनमें से 295 चापाकलों की मरम्मत अब तक पूरी की जा चुकी है। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मत किए गए चापाकलों का भौतिक सत्यापन अवश्य कराएं। वहीं नगर निकायों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारु संचालन और खराब चापाकलों की मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि 531 ऐसे ग्रामीण टोले हैं, जहां अब तक नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है। इन क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है और जल्द से जल्द सभी घरों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम छपरा में नल-जल योजना का कार्य बुडको द्वारा किया जा रहा है।
हीट वेव से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में विशेष वार्ड और बेड की व्यवस्था करने तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही AES (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आशा और आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से अभियान चलाने की बात कही गई। सभी सेविकाओं को ORS और पैरासिटामोल सिरप उपलब्ध कराया जा रहा है।
अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट करते हुए सभी 25 फायर ब्रिगेड वाहनों को तैयार स्थिति में रखने और उचित स्थानों पर तैनात करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से हीट वेव और AES को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी को भी निर्देश दिया गया कि पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था हेतु उपयुक्त स्थानों पर गड्ढे खुदवाए जाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि प्रखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
प्रशासन के इस कदम को गर्मी के मौसम में आमजन को राहत देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

