स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर सख्त रुख: जिलाधिकारी ने दवा उपलब्धता, ऑनलाइन रिपोर्टिंग व बायोमेट्रिक उपस्थिति पर दिए निर्देश
छपरा, 28 मार्च 2026
सारण समाहरणालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के अस्पतालों में औसतन 91 प्रतिशत से अधिक दवाओं की उपलब्धता है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि आवश्यक दवाओं की मांग समय पर भेजी जाए, ताकि दवाओं की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे। साथ ही उन्होंने इंजुरी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पूरी तरह ऑनलाइन सिस्टम के तहत तैयार करने का निर्देश देते हुए ऑफलाइन प्रक्रिया को समाप्त करने को कहा। वर्तमान में 87 प्रतिशत रिपोर्ट ऑनलाइन हैं, जबकि नगरा और रिविलगंज में यह प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाया गया।
ओपीडी सेवाओं की समीक्षा में प्रति मरीज औसत प्रतीक्षा समय लगभग 30 मिनट पाया गया, जिसे कम करने के लिए जिलाधिकारी ने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अस्पतालों, एपीएचसी सहित, शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इसके साथ ही बायोमेट्रिक डिवाइस के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि उपस्थिति की पारदर्शिता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि डैशबोर्ड के माध्यम से विलंब से आने वाले डॉक्टरों की सूची प्रतिदिन साझा की जाए तथा पिछले तीन महीनों में देर से आने और ओपीडी में कम मरीज देखने वाले 10 डॉक्टरों की पहचान कर कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, एएनएम एवं जीएनएम कर्मियों की युक्तिसंगत तैनाती, महिला बंध्याकरण एवं पुरुष नसबंदी के लक्ष्यों की प्राप्ति, तथा नियमित टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लक्षित बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार कर सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं के समन्वय से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत अधिक से अधिक संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन सहित सभी जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी, एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम तथा पार्टनर एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

