पोमैटो की अनोखी खेती बनी आकर्षण का केंद्र, एक ही पौधे से आलू और टमाटर का उत्पादन
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बिहार के सारण जिले में खेती के क्षेत्र में एक अनोखा और अभिनव प्रयोग इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। दरियापुर प्रखंड अंतर्गत खानपुर पंचायत में प्रगतिशील किसानों द्वारा ‘पोमैटो’ की खेती कर कृषि क्षेत्र में नई मिसाल पेश की गई है। इस विशेष तकनीक के तहत एक ही पौधे से जमीन के नीचे आलू और ऊपर टमाटर का उत्पादन हो रहा है, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से किसान बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
खानपुर पंचायत के किसान मुकेश कुमार और अमित कुमार ने ग्राफ्टिंग तकनीक के माध्यम से इस अनोखे पौधे को तैयार किया है। इस प्रक्रिया में आलू और टमाटर के पौधों को वैज्ञानिक तरीके से जोड़कर एक ही पौधे में विकसित किया जाता है, जिससे दोनों फसलें एक साथ प्राप्त होती हैं। किसानों के अनुसार सीमित भूमि और बढ़ती लागत के इस दौर में यह तकनीक खेती को अधिक लाभदायक बना सकती है। एक ही पौधे से दो फसल मिलने से उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ लागत में भी कमी आती है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिल सकता है।
इस नवाचार को देखने और समझने के लिए क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। खेतों पर लोगों की भीड़ जुट रही है और किसान इस तकनीक की बारीकियों को जानने में रुचि दिखा रहे हैं। यह प्रयोग न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि जिला और राज्य स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
किसानों मुकेश कुमार और अमित कुमार का कहना है कि यह प्रयोग अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके परिणाम उत्साहजनक हैं। यदि यह तकनीक पूरी तरह सफल होती है, तो आने वाले समय में अन्य किसान भी इसे अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेती के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाना और युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करना है।
वहीं कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आमदनी भी बढ़ सके। सारण के दियारा क्षेत्र में शुरू हुआ यह प्रयोग अब भविष्य की खेती के रूप में देखा जा रहा है, जो कृषि क्षेत्र में एक नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

