माँझी कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, ‘श्री अन्न’ से किसानों को मिलेगा नया रास्ता
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के माँझी स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी में “श्री अन्न की बीज उत्पादन तकनीक एवं बीज मूल्य श्रृंखला का विकास” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार से किया गया। यह प्रशिक्षण 23 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को मोटे अनाज (श्री अन्न) की उन्नत खेती और बीज उत्पादन की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
यह कार्यक्रम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के तहत संचालित पोषक अनाज मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। इस परियोजना की मुख्य अन्वेषक डॉ श्वेता मिश्रा के निर्देशन में विभिन्न स्टेशनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पाठ्यक्रम निदेशक डॉ राजीव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, वितरण और उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री अन्न ग्रामीण क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ संजय कुमार राय ने किसानों को श्री अन्न अपनाने के लिए प्रेरित किया और इसके कृषि क्षेत्र में महत्व को विस्तार से बताया। वहीं डॉ सुमित कुमार सिंह ने मोटे अनाजों की उन्नत किस्मों के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में उद्यान विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र चन्द्र चंदोला ने बताया कि माँझी क्षेत्र की जलवायु और मृदा श्री अन्न की खेती के लिए बेहद उपयुक्त है। वहीं कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ सुषमा टम्टा ने खेती में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस प्रशिक्षण में सारण जिले के माँझी, रिवीलगंज, जलालपुर, गरखा, नगरा एवं मढ़ौरा प्रखंडों से कुल 35 महिला एवं पुरुष किसान भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में केंद्र के डॉ. विजय कुमार, अमितेश कुमार गौरव, राकेश कुमार, मनोज कुमार, अविनाश पाण्डेय एवं संतोष कुमार सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
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