चैती छठ का दूसरा दिन ‘खरना’ श्रद्धा के साथ संपन्न, 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू
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सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के छपरा सहित पूरे क्षेत्र में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन ‘खरना’ का अनुष्ठान सोमवार की शाम श्रद्धा और सात्विकता के साथ संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस महापर्व के दूसरे दिन व्रतियों ने दिनभर उपवास रखकर संध्या समय छठी मैया और भगवान भास्कर की विधिवत पूजा-अर्चना की।
खरना के अवसर पर व्रतियों ने मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर गुड़ की खीर और गेहूं की रोटी का प्रसाद तैयार किया। सूर्यास्त के बाद भगवान भास्कर का ध्यान करते हुए पूजा संपन्न की गई और प्रसाद ग्रहण किया गया। इसी के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया, जो इस पर्व का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
खरना के बाद व्रती और उनके परिवार अगले दिन होने वाले संध्या अर्घ्य की तैयारियों में जुट गए हैं। मंगलवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा, जिसके लिए घाटों और घरों में विशेष तैयारी की जा रही है।
व्रत करने वाली महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि छठ पूजा का व्रत अत्यंत पवित्र और आस्था से जुड़ा हुआ है। छठी मैया अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उनके जीवन से कष्टों को दूर करती हैं। यही कारण है कि यह पर्व अब बिहार ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी व्यापक रूप से मनाया जाने लगा है।
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