वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य का संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक: प्राचार्य
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी, सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश
मन को शांत और स्थिर रखने के लिए राजयोग ध्यान अत्यंत प्रभावी माध्यम: बीके अनामिका दीदी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिला मुख्यालय स्थित लोक नायक जय प्रकाश नारायण प्रौद्योगिकी संस्थान में गुरुवार को ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय सारण इकाई द्वारा अध्ययनरत छात्र- छात्राओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन तथा सकारात्मक जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विमल कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा वाली दौर में मानसिक स्वास्थ्य का संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि छात्र जीवन में पढ़ाई के साथ- साथ तनाव, चिंता और दबाव जैसी समस्याएं आम बात हो गई हैं, ऐसे में नियमित दिनचर्या, पर्याप्त मात्रा में नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय- समय पर आत्ममंथन करने और अपनी भावनाओं को साझा करने की सलाह दी है, ताकि मानसिक दबाव को कम किया जा सके।
वहीं ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय सारण जिला इकाई की संचालिका बीके अनामिका दीदी ने कहा कि मन को शांत और स्थिर रखने के लिए राजयोग ध्यान अत्यंत प्रभावी माध्यम है। क्योंकि नियमित ध्यान और सकारात्मक चिंतन से न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि आत्मविश्वास और एकाग्रता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय ध्यान और आत्मचिंतन के लिए निकालने की सलाह दी है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी अपना - अपना अनुभव साझा करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े दर्जनों सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल और व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वही इस अवसर पर लोक नायक जय प्रकाश नारायण प्रौद्योगिकी संस्थान के प्राचार्य डॉ विमल कुमार सहित कई अन्य प्राध्यापक और ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके अनामिका दीदी सहित कई अन्य भाई और बहने मौजूद रही।

