व्यवहार कौशल पर संगोष्ठी आयोजित, तकनीकी ज्ञान के साथ सॉफ्ट स्किल्स पर दिया गया विशेष जोर
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल हिंदी विश्वविद्यालय में माननीय कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू की अध्यक्षता में व्यवहार कौशल विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विशिष्ट वक्ता इग्नू (नई दिल्ली) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की प्रोफेसर डॉ. अनुप्रिया पांडे रहीं, जिन्होंने अपने व्याख्यान में औद्योगिक संस्थानों की बदलती कार्यसंस्कृति और आधुनिक पेशेवर अपेक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. अनुप्रिया पांडे ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान औद्योगिक संस्थान अत्यंत गतिशील हो चुके हैं और वे केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स, संचार कौशल, टीमवर्क और व्यवहार कौशल को भी समान रूप से महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी कौशल साक्षात्कार तक पहुंचा सकता है, किंतु स्थायी सफलता और नौकरी प्राप्ति के लिए प्रभावी व्यक्तित्व एवं संप्रेषण क्षमता आवश्यक है। अपने विचारों को पुष्ट करने के लिए उन्होंने अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए, जिनमें अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जोसेफ लुफ्ट और हैरिंगटन इंगम द्वारा विकसित ‘जोहरी विंडो मॉडल’ का उल्लेख विशेष रूप से किया गया। इस मॉडल के माध्यम से उन्होंने आत्म-जागरूकता और व्यक्तित्व विकास की प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया।
संगोष्ठी के दौरान उन्होंने सहानुभूति, प्रभावी संचार, सहयोगात्मक कार्यशैली और सकारात्मक दृष्टिकोण को मानव संसाधन विकास के प्रमुख घटक के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन गुणों के अभाव में तकनीकी दक्षता भी पूर्ण प्रभाव नहीं छोड़ पाती।
कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पारंपरिक संस्थान प्रायः कठोर अनुशासन और पुराने अनुभवों पर आधारित संरचना अपनाते हैं, जिससे नवाचार और आधुनिक सोच के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बन पाता। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कौशल वर्धन कार्यक्रमों की एक सशक्त एवं गतिशील श्रृंखला प्रारंभ की जाएगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करना तथा सक्रिय सहभागिता एवं व्यावसायिक विकास की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. जे. के. भारती, डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी, डॉ. के. एन. भारती, काजरी दास, मधुबनती गांगुली सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। साथ ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अन्य विद्यालय के शिक्षक विनोद यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने व्यवहार कौशल के महत्व को समझते हुए इसे आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समापन ट्रेनिंग, प्लेसमेंट एंड स्टूडेंट वेलफेयर सेल के संयोजक डॉ. इंद्रजीत यादव द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

