कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी में “फलों के मूल्य संवर्धन” पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी में “फलों के मूल्य संवर्धन” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षण कक्ष में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवतियों में फलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के प्रति रुचि बढ़ाना था।
कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और इसे अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने आंवला सहित विभिन्न फलों से मुरब्बा बनाने की संपूर्ण विधि एवं उपयोगी सामग्रियों की जानकारी दी तथा प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक रूप से आंवला का मुरब्बा बनाना सिखाया।
डॉ. सुषमा टम्टा ने मूल्य संवर्धन की अवधारणा, उसके लाभ तथा सेब का जैम बनाने की विधि और आवश्यक सामग्रियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जैम निर्माण की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया।
डॉ. जीर विनायक एवं डॉ. विजय कुमार ने भी अपने-अपने विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
प्रशिक्षण के अंतर्गत अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के तहत प्रतिभागियों को ग्रबर तथा उन्नत किस्म के चारे के बीज भी वितरित किए गए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सारण जिले के मांझी प्रखंड की कुल 33 युवतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के अमितेश कुमार गौरव, मनोज कुमार, राकेश कुमार, उमाशंकर, अवनीश पांडेय एवं संतोष कुमार का सराहनीय योगदान रहा।

