दारूल उलूम नईमिया में आजमीन हज के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित, गाइड बुक व किट वितरित
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थान दारूल उलूम नईमिया में मंगलवार को आजमीन हज के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्राचार्य मौलाना हामिद रजा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। यह प्रशिक्षण बिहार राज्य हज कमिटी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें हज यात्रा पर जाने वाले महिला एवं पुरुष आजमीन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य प्रशिक्षक मुफ्ती अली असगर ने आजमीन हज को संबोधित करते हुए कहा कि हज इस्लाम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और हर सक्षम मुस्लिम पर जीवन में कम से कम एक बार हज करना फर्ज है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से किया गया हज इंसान को गुनाहों से पाक कर देता है और उसकी जिंदगी में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक परिवर्तन लाता है। उन्होंने हज के अरकान, तवाफ, सई, अराफात में वकूफ सहित विभिन्न धार्मिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सफर के दौरान कम सामान रखने, अनुशासन बनाए रखने और अल्लाह की रजामंदी के लिए हज करने की नसीहत दी। मक्का और मदीना शरीफ में इबादत के महत्व तथा वहां गुजारने वाले वक्त के सदुपयोग पर भी प्रकाश डाला गया।
अल्हाज फहीम अशरफ खान ने कहा कि आजमीन हज को विशेष रूप से यह ध्यान रखना चाहिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की गलती या गुनाह न हो। उन्होंने पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज हमेशा साथ रखने की सलाह दी, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा न हो। इस प्रशिक्षण शिविर में महिला आजमीन हज की भी भागीदारी रही, जिनके लिए पृथक व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम का समापन मौलाना मुफ्ती मुर्शिद रजा की दुआ के साथ हुआ। शिविर में अब्दुल कादिर, शमा परवीन, सबीहन बीबी, जान मोहम्मद, रजिया सुल्ताना, समीउद्दीन खान, हसन इमाम खान, निकहत परवीन, मो. साबिर अली, मो. कलामुद्दीन सहित कुल 39 महिला एवं पुरुष आजमीन हज ने शिरकत की। प्रशिक्षण के उपरांत शेष आजमीन को सदर अस्पताल के प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा टीकाकरण कर प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। इस दौरान शाहाब अहमद राईन, अली अहमद, मो. शोएब, राहतुन नईम, अबुल हसन, हाफिज आरिफ एवं मोअज्जिन वसीम रजा ने हज यात्रियों की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाई।

