मांझी में जदयू प्रखंड अध्यक्ष चुनाव में बवाल, आरोप-प्रत्यारोप के बीच दयानन्द सिंह को मिली कमान
मांझी जदयू प्रखंड अध्यक्ष चुनाव 2026: हंगामे के बीच दयानन्द सिंह बने अध्यक्ष, विरोधी गुट का बहिष्कार
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी के मदनसाठ गांव स्थित सभागार में रविवार को आयोजित प्रखंड जदयू अध्यक्ष के चुनाव के दौरान दो गुटों के समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पार्टी नेतृत्व द्वारा मनोनीत चुनाव पर्यवेक्षक ब्रजेश सिंह तथा निर्वाची पदाधिकारी रामकृष्ण सिंह ने सारण के एसएसपी को सूचना दी, जिसके बाद मांझी एवं दाउदपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह की अप्रिय घटना को टालते हुए चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
तत्पश्चात हुए चुनाव में पार्टी नेता दयानन्द सिंह को सर्वसम्मति से जदयू का प्रखंड अध्यक्ष चुन लिया गया। मौके पर मौजूद जदयू सदस्यों और समर्थकों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को फूलमाला पहनाकर तथा पटाखे फोड़कर खुशी जताई। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान जिला जदयू नेता मनोज सिंह, सुनील सिंह, निरंजन सिंह, हसनैन अंसारी, गुड्डू सिंह, गया साह, अमरेन्द्र सिंह, डॉ. राजीव कुमार सिंह, सुनील उपाध्याय, लुकमान अंसारी, राकेश चौधरी, डॉ. नंद किशोर यादव, अयूब अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वहीं निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष एवं पूर्व मुखिया अख्तर अली के समर्थकों ने दयानन्द गुट पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए चुनाव का बहिष्कार कर दिया। पत्रकारों से बातचीत में अख्तर अली ने कहा कि बैठक के दौरान उन पर दूसरे गुट का समर्थन करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दयानन्द गुट के समर्थकों द्वारा गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने चुनाव रद्द कर पुनः निर्वाचन कराने की मांग की।
इधर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पर्यवेक्षक ब्रजेश सिंह ने कहा कि दो थानों की पुलिस की मौजूदगी में चुनाव संपन्न कराया गया। यदि विरोधी पक्ष को अपने समर्थकों की संख्या पर भरोसा था तो उन्हें मतदान प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि स्वयं अख्तर अली समर्थकों के साथ बैठक का बहिष्कार कर चले गए, इसलिए उनके आरोप निराधार हैं।

