विशेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव, शिक्षाविदों की मौजूदगी से बढ़ी गरिमा
महाशिवरात्रि पर घोरहट मझवलिया के विशेश्वर महादेव में भव्य वार्षिकोत्सव, कुलपति व प्रोक्टर की गरिमामयी उपस्थिति
सारण (बिहार): माँझी प्रखंड क्षेत्र के घोरहट मझवलिया स्थित विशेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य वार्षिकोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक वातावरण के बीच वैदिक विद्वानों द्वारा भगवान आशुतोष भोले शंकर की पूजा विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराई गई, जिसमें श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
माँझी प्रखंड के घोरहट मझवलिया स्थित शिवेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित वार्षिकोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वैदिक विद्वानों द्वारा भगवान आशुतोष भोले शंकर का पूजन विधि-विधानपूर्वक कराया गया, जिसमें भक्तों ने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं आरती में भाग लेकर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. प्रमेन्द्र कुमार बाजपेई तथा विश्वविद्यालय के प्रोक्टर डॉ. विश्वामित्र पाण्डेय विशेष रूप से मंदिर पहुंचे और शिवलिंग पर जल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कन्या पूजन कर नारी सम्मान और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. बाजपेई ने भगवान शिव को असीम ऊर्जा का स्रोत और चेतना का स्वरूप बताते हुए कहा कि शिव ही सृष्टि के मूल संचालक हैं, जिनकी आराधना मनुष्य को आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आध्यात्मिक जागरण का भी अवसर है।
कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र प्रताप मिश्र द्वारा कुलपति एवं प्रोक्टर को अंगवस्त्र, पुष्पमाला और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में हरेंद्र मिश्रा, अखिलेश्वर मिश्रा, मुखल यादव, हरेंद्र तिवारी, श्रीनिवास उपाध्याय, पप्पू मिश्रा, मनीष कुमार मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा, मुखिया प्रतिनिधि शैलेश्वर मिश्रा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन साहित्यकार शिक्षक बिजेन्द्र कुमार तिवारी ने प्रभावशाली ढंग से किया और पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया। देर शाम महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और शिवभक्ति में सराबोर वातावरण का अनुभव किया।

