हिंदी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कार्यक्रम का सफल आयोजन
कोलकाता/हावड़ा (पश्चिम बंगाल): हिंदी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. नंदिनी साहू के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में भाषा की गरिमा, सांस्कृतिक विरासत और बहुभाषिक सद्भाव पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सुमन भट्टाचार्य ने की तथा संचालन डॉ. पारोमिता दास ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रजिस्ट्रार सुमन भट्टाचार्य द्वारा अपनी मातृभाषा बांग्ला में गीत प्रस्तुत कर किया गया। इसके पश्चात कुलपति प्रो. डॉ. नंदिनी साहू ने अपने संदेश में मातृभाषा को विचार, भावना और रचनात्मकता का स्वाभाविक माध्यम बताते हुए भाषा-शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभाषा के सम्मान और संरक्षण के माध्यम से ही ज्ञान, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने सभी को मातृभाषा की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक देवव्रत सर तथा वित्तदाता सिद्धार्थ सर भी उपस्थित रहे। इतिहास विभाग की शिक्षिका डॉ. सोमित्रा मित्रा ने अपनी मातृभाषा बांग्ला में कविता पाठ किया। हिंदी एवं अनुवाद विभाग की प्राध्यापिका डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि बच्चा सर्वप्रथम अपनी मातृभाषा माँ से सीखता है। उन्होंने वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की थीम “भाषाओं का महत्व—रजत जयंती और सतत विकास” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस अपनी 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है और भाषाई विविधता, बहुभाषावाद तथा शिक्षा में मातृभाषा के प्रयोग के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने का संदेश देता है। हिंदी एवं अनुवाद विभाग के डॉ. कृष्णानंद भारती तथा राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापक मिथुन सर ने भी प्रभावपूर्ण विचार रखे।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी मातृभाषाओं में प्रस्तुति दी। राजनीतिक विज्ञान विभाग से खुशबू शर्मा और अनुसुर्या राय ने वक्तव्य एवं मैथिली भाषा में गीत प्रस्तुत किया, जबकि आकांक्षा चौहान ने भोजपुरी में वक्तव्य दिया। हिंदी विभाग की प्रियंका तिवारी ने अवधी में कविता पाठ किया और कीर्ति सिंह ने भोजपुरी में कविता प्रस्तुत की। इतिहास विभाग की नाजिद खान ने भोजपुरी गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समूह गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सुजल कुमार राऊत, अंशु सिंह, कीर्ति सिंह, प्रियंका तिवारी, दीक्षित शाह और मानसी परीदा सहित हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय कार्यालय के सदस्य काजूरी दास, अमन, राज, करिमा, दीपांकर सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अंत में मधुवंती गांगुली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

