सारण में विराट हिन्दू सम्मेलन, राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान
प्रभु श्रीराम हमारे सनातन धर्म की पहचान और सांस्कृतिक विरासत, उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत: चित्राली उपाध्याय
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: अमनौर प्रखंड के सरायबक्स स्थित रामजानकी मठ सह मंदिर परिसर में शनिवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सम्मेलन में वक्ताओं ने सनातन धर्म की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता पर जोर दिया।
बजरंग दल के संयोजक राहुल मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश के हिन्दुओं ने हमेशा जोड़ने का कार्य किया है, तोड़ने का नहीं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा अत्यंत प्राचीन और सशक्त है तथा चाणक्य और सम्राट अशोक जैसे महापुरुषों की विरासत हमारे इतिहास की धरोहर है। उन्होंने सभी हिन्दुओं को एकजुट रहने का आह्वान किया।
सनातनी वक्ता चित्राली उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ शाश्वत है और राम हमारे धर्म की पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने लोगों से अपने आचरण को सुधारने तथा धर्मग्रंथों के अध्ययन पर बल दिया।
बलिराम तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म पूर्णतः वैज्ञानिक आधार पर स्थापित है और लोगों को अपने ग्रंथों का अध्ययन स्वयं भी करना चाहिए तथा अपने बच्चों को भी प्रेरित करना चाहिए। मुरारी स्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म प्रकृति के प्रति सम्मान सिखाता है और वृक्षों को भी माता के रूप में पूजने की परंपरा इसका उदाहरण है।
सम्मेलन को संत शत्रुघ्न दास जी महाराज, रविन्द्र नाथ पाण्डेय सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरारी स्वामी ने की, जबकि मंच संचालन पत्रकार राजेश उपाध्याय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक रासबिहारी पाण्डेय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया। इस अवसर पर प्रवीण कुमार उर्फ सोनू सिंह, शैलेश कुमार, मन्नू सिंह, दिलीप ब्याहुत, रूपेश सिंह, नीरज दूबे सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

