जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक, बॉयोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
सारण (बिहार): जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कृषि टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग से जुड़े जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बॉयोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान कृषि विभाग के अंतर्गत सारण जिले में उपलब्ध मानव संसाधन, पदस्थापित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की विस्तृत जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के जिला एवं अनुमंडल स्तर के पदाधिकारियों को विभिन्न प्रखंडों का आवंटन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने आवंटित प्रखंडों में कृषि विभाग की सभी मूल एवं अनुसंगी योजनाओं और गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करेंगे, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंच सके।
उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिले में उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता और पारदर्शी वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों की नियमित जांच और स्टॉक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उर्वरक दुकानों की जांच करने, जांच के दौरान पाई गई कमियों और की गई कार्रवाई का समेकित प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी कार्यों की प्रगति को लेकर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया और इस दिशा में अपेक्षित गति लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक एवं राजस्व कर्मचारियों के साथ प्रतिदिन इस कार्य की समीक्षा की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण एवं ई-केवाईसी समय पर पूरा हो सके।
कृषि विद्युत आपूर्ति के संबंध में बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 2526 कृषि ट्रांसफार्मरों के माध्यम से अब तक 15,590 किसानों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी इच्छुक किसानों से आवेदन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक प्रखंड में सप्ताह में दो दिन विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में कृषि विभाग एवं विद्युत विभाग के पदाधिकारी और कर्मी संयुक्त रूप से उपस्थित रहेंगे। शिविरों की तिथि निर्धारित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, परियोजना निदेशक आत्मा, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति सहित कृषि विभाग के अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि किसानों के हित में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, तभी कृषि क्षेत्र में अपेक्षित सुधार संभव है।

