बाल विवाह के खिलाफ सारण में उठा सशक्त संदेश, महिलाओं की भागीदारी से बदलेगी सोच
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गरखा में जागरूकता कार्यक्रम, समाज को झकझोरने वाला संदेश
सारण (बिहार): 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास निगम, सारण, जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा गरखा थाना के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गरखा प्रखंड कार्यालय परिसर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों, बालिकाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला मिशन समन्वयक श्रीमती निभा कुमारी ने बाल विवाह और लैंगिक हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भावनात्मक एवं तथ्यपरक चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनन लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है, इससे पूर्व विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। उन्होंने बाल विवाह को बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के लिए घातक बताते हुए कहा कि यह एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो पूरे जीवन को प्रभावित कर देती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी सूचना को पंचायत या जिला प्रशासन तक अवश्य पहुंचाएं।
बाल विवाह और घरेलू हिंसा के मामलों में सहायता के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर एवं 181 महिला हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को सरकार द्वारा हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाती है। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता न्याय बिहार श्रीमती सुनीता कुमारी ने महिलाओं को बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों और विकसित न्याय प्रणाली की जानकारी दी तथा कहा कि कानून की जानकारी ही सामाजिक बदलाव की पहली सीढ़ी है।
सारण पुलिस प्रशासन की ओर से गरखा थाना के थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी श्री फैज़ल चाँद ने बाल विवाह से जुड़ी घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हर समय मदद के लिए उपलब्ध है।
डिस्ट्रिक्ट हब फॉर विमेन एंपावरमेंट के फाइनेंशियल लिटरेसी एक्सपर्ट श्री सतेंद्र कुमार ने बाल विवाह के विरोध को महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा कि बाल विवाह न तो व्यक्तिगत विकास के लिए उचित है और न ही समाज के लिए लाभकारी। उन्होंने प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने शिकायत के लिए 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्डलाइन और आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने की सलाह दी तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न वित्तीय योजनाओं की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन की जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती सुजाता श्री, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी श्री उमेश राय, जीविका समूह से सक्षमा दीदी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष, बालिकाएं और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का सशक्त संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

