सारण: लोकप्रिय पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता का निधन, 101 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के मांझी प्रखंड से एक दुखद समाचार सामने आया है। प्रखंड के डूमाईगढ़ गांव निवासी, लोकप्रिय और वयोवृद्ध पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता का हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे मांझी प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई और उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता का निधन दिनांक 2 जनवरी 2026 को अपराह्न हुआ। वे लगभग 101 वर्ष के थे और लंबे समय तक सामाजिक व सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। वे मांझी भाग-2 के जिला परिषद सदस्य राजू प्रसाद गुप्ता के बड़े पिताजी थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
ललन प्रसाद गुप्ता अपने समय के पुराने और चर्चित सरपंचों में गिने जाते थे। उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक सरपंच पद पर रहकर जनसेवा की और ग्रामीण विकास में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही वे बीस सूत्री कार्यक्रम के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने ईमानदारी, सरलता और समर्पण के साथ कार्य किया, जिसकी वजह से वे सभी वर्गों में लोकप्रिय रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वे अत्यंत मिलनसार, मृदु भाषी और सहयोगी स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव से लेकर प्रखंड स्तर तक उनकी पहचान एक अनुभवी और सुलझे हुए जनप्रतिनिधि के रूप में थी। उनके निधन से मांझी प्रखंड ने एक ऐसे बुजुर्ग मार्गदर्शक को खो दिया है, जिनका जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा।
पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता के निधन पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता का निधन दिनांक 2 जनवरी 2026 को अपराह्न हुआ। वे लगभग 101 वर्ष के थे और लंबे समय तक सामाजिक व सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। वे मांझी भाग-2 के जिला परिषद सदस्य राजू प्रसाद गुप्ता के बड़े पिताजी थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
ललन प्रसाद गुप्ता अपने समय के पुराने और चर्चित सरपंचों में गिने जाते थे। उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक सरपंच पद पर रहकर जनसेवा की और ग्रामीण विकास में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही वे बीस सूत्री कार्यक्रम के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने ईमानदारी, सरलता और समर्पण के साथ कार्य किया, जिसकी वजह से वे सभी वर्गों में लोकप्रिय रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वे अत्यंत मिलनसार, मृदु भाषी और सहयोगी स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव से लेकर प्रखंड स्तर तक उनकी पहचान एक अनुभवी और सुलझे हुए जनप्रतिनिधि के रूप में थी। उनके निधन से मांझी प्रखंड ने एक ऐसे बुजुर्ग मार्गदर्शक को खो दिया है, जिनका जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा।
पूर्व सरपंच ललन प्रसाद गुप्ता के निधन पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

