राजस्व मामलों में खराब प्रदर्शन पर होगी समीक्षा, डीएम का कड़ा संदेश, ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी के निर्देश
डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राजस्व समन्वय समिति की बैठक, ई-केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री में तेजी के सख्त निर्देश
सारण (बिहार): जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्व समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व एवं कृषि विभाग से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभुकों की ई-केवाईसी तथा जमाबंदीधारी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। बताया गया कि ई-केवाईसी का कार्य कृषि विभाग के किसान सलाहकार और कृषि समन्वयकों द्वारा तथा जिन किसानों के नाम से जमाबंदी कायम है, उनकी फार्मर रजिस्ट्री संबंधित राजस्व कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। जिलाधिकारी ने दोनों विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रतिदिन निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के उद्देश्य से 6 जनवरी से 9 जनवरी तक पंचायत स्तर पर विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जहां ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री दोनों कार्य एक साथ किए जाएंगे। सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को इसकी व्यक्तिगत रूप से प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही कृषि विभाग के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को वरीय प्रभारी के रूप में संबंधित प्रखंडों में कैंप कर कार्य में तेजी लाने का आदेश दिया गया।
बैठक में परिमार्जन प्लस की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिन मामलों में ऑनलाइन जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उनमें से लगभग 78 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। विगत सात दिनों में सभी अंचलों में इस श्रेणी के 707 मामलों का निष्पादन हुआ है, जबकि कर्मचारी स्तर पर 418 और अंचलाधिकारी स्तर पर 250 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी लंबित मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार से संबंधित मामलों की समीक्षा में बताया गया कि पिछले एक सप्ताह में 1567 आवेदनों का निष्पादन किया गया है। हालांकि अभी भी कर्मचारी स्तर पर 1023 और अंचलाधिकारी स्तर पर 307 आवेदन लंबित हैं। विशेष रूप से सोनपुर अंचल में निष्पादन की गति तेज करने का निर्देश दिया गया। वहीं दस्तावेजी त्रुटि के कारण वापस किए गए आवेदनों में शीघ्र निर्णय लेकर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि अनावश्यक विलंब न हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परिमार्जन और म्युटेशन (दाखिल-खारिज) के आवेदनों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। राजस्व से जुड़े विभिन्न पैरामीटर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 15-15 राजस्व कर्मचारियों को जिला मुख्यालय बुलाकर उनकी समीक्षा किए जाने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि दाखिल-खारिज से संबंधित 1340 मामलों का निष्पादन विगत सात दिनों में किया गया है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें तथा 75 दिनों से अधिक समय से लंबित म्युटेशन मामलों को अगले सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाया जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को विभिन्न विभागों की परियोजनाओं जैसे स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन, शिक्षा विभाग के विद्यालय भवन, मंडल कारा छपरा के स्थानांतरण, उप कारा मढ़ौरा, बी-सैप केंद्र निर्माण और मढ़ौरा अनुमंडल न्यायालय सहित अन्य परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का अविलंब चयन कर प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी अंचलों में उपलब्ध सरकारी भूमि की अद्यतन स्थिति के साथ लैंड बैंक की सूची जनवरी माह के अंत तक तैयार करने का आदेश भी दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और राजस्व कर्मचारी जुड़े रहे।

