501 पुस्तकों का प्रकाशन, हिंदी साहित्य को बढ़ावा लक्ष्य: डॉ सीताराम आठिया
दो वर्षों में 35 पुस्तकों का किया प्रकाशन, 2035 तक 501 पुस्तकों के प्रकाशन लक्ष्य को लेकर डॉ सीताराम आठिया ने किया प्रारंभ किया साहित्यिक नवाचार
नई दिल्ली: संवाददाता प्रेरणा बुड़ाकोटी:- 8 मार्च 2024 को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मातृ शक्ति को समर्पित महिला सीरीज की 11 पुस्तकों के प्रकाशन से दीपशिखा 501 पुस्तक श्रृंखला निशुल्क प्रकाशन योजना की शुरुआत डॉ सीताराम आठिया सागर मप्र द्वारा की गई थी। जो इस सीरीज की सभी पुस्तकों के प्रधान संपादक है। वर्तमान में इस निशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना से देश विदेश के करीब 40 हजार कवि, साहित्यकार, प्रोफेसर्स जुड़े हुए है। इस निशुल्क पुस्तक श्रृंखला को मिले अभूतपूर्व समर्थन के कारण डॉ आठिया ने पहले 25 फिर 101 फिर 201 तथा वर्तमान में 2035 तक भारत के 101 शहरों से 501 पुस्तकों के प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में श्रृंखला की दो वर्षों से भी कम समयावधि में 35 पुस्तकों का प्रकाशन नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, लखनऊ, भोपाल, बिलासपुर, गुड़गांव, फरीदाबाद से किया जा चुका हैं तथा करीब 65 पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं । उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान और नवाचार के लिए इस पुस्तक श्रृंखला को जनवरी 2025 में यूएसए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका हैं।
पुस्तकों के विषयः-
इस निशुल्क प्रकाशन योजना में कोई भी साहित्यकार, शिक्षाविद, कवि, प्रोफेसर, पत्रकार, शोधार्थी, विधार्थी तथा सामान्यजन इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था, संगीत, सिनेमा, कला, संस्कृति, पर्यटन, यात्रा, खेलकूद, शिक्षा, नारी, हिंदी साहित्य, अस्मिता मूलक विमर्श जैसे स्त्री, विधवा, किन्नर, दलित, बाल विमर्श, दिव्यांग, आदिवासी विमर्श कृषक विमर्श, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय ज्ञान परंपरा, महापुरुषों की जीवनियां, स्वास्थ्य, योग, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विकसित भारत, हिंदी भाषा, सतत विकास, रामचरित मानस, महिला सशक्तिकरण, लोक साहित्य, आंचलिक साहित्य, मूल्य आधारित शिक्षा, ज्योतिष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई), साइबर अपराध, कैरियर मार्गदर्शन, स्वरोजगार आदि मानविकी विषयों पर अपने शोधपत्र या आलेख 2000 से 4000 शब्दों में प्रधान संपादक के व्हाट्सएप नंबर 9425691597 पर भेज सकते हैं। जिन्हें निशुल्क रूप से प्रकाशित किया जाएगा। साथ में ई प्रकाशन प्रमाण पत्र भी जारी किया जाता हैं, किंतु पुस्तक की हार्ड कॉपी प्राप्त करने हेतु 500 रु की राशि का भुगतान करना होता है।
पुरुस्कार एवं सम्मान योजनाएं
योजना के अंतर्गत लोगों को साहित्य से जोड़ने तथा हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से 501 पुस्तक समूह में कमेटी अथवा संपादक मंडल द्वारा 15 से अधिक पुस्तकों में आलेख भेजने पर हिन्दी गौरव सम्मान, 5 श्रेष्ठ आलेखों को सर्वश्रेष्ठ आलेख तथा प्रशस्ति प्रमाण पत्र तथा उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए लेखको को निशुल्क रूप से संपादक मंडल में सम्मिलित कर उनका जीवन परिचय पुस्तकों में निशुल्क प्रकाशित कर सम्मानित किया जाता है।
प्रकाशित पुस्तकें
1) बुक नं 1) भारतीय महिला राजनीतिज्ञ संघर्ष से सफलता का सफर ( स्वतंत्र प्रकाशन नई दिल्ली) पृष्ठ 355
2) बुक नं 2) गैर राजनैतिक भारतीय महिला शख्सियतें (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 228
3) बुक नं 3)प्राचीन भारतीय विदुषी नारियां (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 163
4) बुक नं 4) हिंदी के महिला साहित्यकार (एचएसआरए पब्लिकेशन बेंगलुरु) पृष्ठ 368
5) बुक नं 5) राष्ट्र निर्माण में महिला कुलपतियों का योगदान (एचएसआरए पब्लिकेशन बेंगलुरु) पृष्ठ 327
6) बुक नं 6) स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाएं (एविंसपब पब्लिकेशन बिलासपुर) पृष्ठ 288
7) बुक नं 7) हिन्दी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियां (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 546
8) बुक नं 8) प्रवासी भारतीय महिला साहित्यकार (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 237
9) बुक नं 9) भारतीय दलित महिला साहित्यकार (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 272
10) बुक नं 10) प्रशासन में महिलाओ की भूमिका: एक अध्ययन (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 410
11) बुक नं 11) अंतरिक्ष एवम खेल में परचम लहराती भारतीय महिलाएं (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 154
12) बुक नं 12) राष्ट्र निर्माण में महिला संतो का योगदान (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 447
13) बुक नं 13) दक्षिण भारतीय महिला साहित्यकार (ब्लू डक पब्लिकेशन श्रीनगर) पृष्ठ 265
14) बुक नं 14) भारतरत्न विजेता विदुषी महिलाएं (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 79
15) बुक नं 15) विविध क्षेत्रों में भारत का गौरव बढ़ाने वाली महिलाएं (नीलम पब्लिकेशन मुंबई) पृष्ठ 198
16) बुक नं 17) महिलाओं की सामाजिक समस्याए और कानूनी प्रावधान (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 680
17) बुक नं 18) हिंदी साहित्य के विविध आयाम और स्त्री विमर्श (बीएमपी पब्लिशर्स फरीदाबाद) पृष्ठ 455
18) बुक नं 19) दलित हिंदी साहित्य और स्त्री विमर्श (प्रखर गूंज प्रकाशन नई दिल्ली) पृष्ठ 209
19) बुक नं 20) स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाएं भाग दो (बीएफसी पब्लिकेशन लखनऊ) पृष्ठ 380
20) बुक नं 21) भारतीय शिक्षा प्रणाली : इतिहास एवं विकास (साहित्यग्राम पब्लिकेशन बिलासपुर) पृष्ठ 304
21) बुक नं 22) हिंदी साहित्य के विविध आयाम और दलित विमर्श (कोलकाता प्रेस बुक कोलकाता) पृष्ठ 275
22) बुक नं 25) समकालीन हिन्दी के साहित्यकार (कोलकाता प्रेस बुक कोलकाता) पृष्ठ 221
23) बुक नं 26) नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय महापुरुषों की जीवनियां (एविंसपब पब्लिकेशन बिलासपुर) पृष्ठ 234
24) बुक नं 27) भारतरत्न प्राप्त महापुरुषों की जीवनियां (नीलम पब्लिकेशन मुंबई) पृष्ठ 498
25) बुक नं 28) भारत के महान व्यक्तित्व ( शिवोहम पब्लिकेशन कोलकाता) पृष्ठ 406
26) बुक नं 30)भारत के महामहिम राष्ट्रपति(एविंसपब पब्लिकेशन बिलासपुर) पृष्ठ 232
27) बुक नं 31) भारत के यशश्वी प्रधानमंत्री(जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 207
28) बुक नं 37) हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता: (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 489
29) बुक नं 57) भारत की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू (एविंसपब पब्लिकेशन बिलासपुर) पृष्ठ 278
30) बुक नं 58) भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ( नित्या पब्लिकेशन भोपाल) पृष्ठ 147
31) बुक नं 59) भारत की प्रथम महिला देश मंत्री सुषमा स्वराज (बीएमपी पब्लिशर्स फरीदाबाद) पृष्ठ 162
32) बुक नं 60) सरोजिनी नायडू स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला राज्यपाल (मोनिका भंडारी बुक्स गुरुग्राम) पृष्ठ 155
33) बुक नं 61) आनंदीबेन पटेल एक राजनीतिक सफर ( शिवोहम पब्लिकेशन कोलकाता) पृष्ठ 152
34)बुक नं 62) भारत की प्रथम महिला आईपीएस किरण बेदी(जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली)पृष्ठ 175
35) बुक नं 0) शोध एवं समीक्षा: नारी शिक्षा एवं साहित्य के विविध विमर्श (जेटीएस पब्लिकेशन नई दिल्ली) पृष्ठ 303
क्यों पढ़ना चाहिए श्रृंखला की पुस्तकें
श्रृंखला के अंतर्गत डॉ आठिया ने अनछुए विषयों पर कलम कलाई है, जिसे सभी मातृशक्ति, साहित्यकार, प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, शोधार्थी, प्रतियोगी परीक्षार्थी एवं आमजन सभी को ये पुस्तके अवश्य ही पढ़नी चाहिए। पुस्तक क्रमांक 12 एवं 27 तो रामायण गीता की तरह घर घर में होना चाहिए जिसमें महिला संतों तथा भारतरत्न प्राप्त महापुरुषों की जीवनियां शामिल की गई हैं। पुस्तक क्रमांक 3 प्राचीन भारतीय विदुषी नारियों पर आधारित है, उपरोक्त तीनों पुस्तकें भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवंत करती हैं। पुस्तक क्रमांक 21 में शिक्षा का उद्भव एवं विकास तथा सभी आयोग एवं समितियों द्वारा शिक्षा के विकास हेतु उठाए गए कदमों विस्तार से जानकारी दी गई है, जिसे मैं सभी शिक्षक चाहे वो महाविद्यालयीन हो स्कूली पढ़ने की सलाह दूंगा। पुस्तक क्रमांक 6 एवं 20 स्वतंत्रता संग्राम की गुमनाम वीरांगनाओं पर आधारित है जिन्हें इतिहास ने विस्मृत कर दिया है। सभी पुस्तकों का उल्लेख तो यहां संभव नहीं है, किंतु दीपशिखा सीरीज की प्रत्येक पुस्तक एक अनमोल ग्रंथ है, जो भविष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा की धरोहर तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनेगी।।
विमोचन कार्यक्रम
श्रृंखला की तीन पुस्तकों का विमोचन सितंबर 2024 को विनय उजाला सम्मान समारोह इंदौर में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, स्थानीय महापौर पुष्यमित्र भार्गव के करकमलों द्वारा किया गया था। इसके पूर्व शोध एवं समीक्षा पुस्तक का विमोचन विश्व हिंदी परिषद द्वारा नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 2024 में मिजोरम के राज्यपाल द्वारा किया गया था। नवंबर 2025 में श्रृंखला की 11 पुस्तकों का विमोचन लद्दाख के उपराज्यपाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में किया गया था।
2022 एवं 2023 में रविंद्र भवन सागर मप्र में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मप्र शासन के मंत्रीद्वय गोपाल भार्गव तथा गोविंद सिंह राजपूत तथा विधायक द्वय शैलेन्द्र जैन तथा प्रदीप लारिया द्वारा किया गया था।
पुस्तकों की विषय वस्तु , पाठ्यक्रम, नियम निर्देश, आलेख भेजने, संपादक मंडल में शामिल होने अथवा अन्य समस्त जानकारी हेतु डॉ सीताराम आठिया निदेशक एवं प्रधान संपादक से संपर्क किया जा सकता हैं।

