सोनबरसा पंचायत में सरकारी लापरवाही की हद: जीवित वार्ड सदस्य को फाइलों में किया मृत घोषित, पेंशन बंद
सारण (बिहार): माँझी प्रखंड अंतर्गत सोनबरसा पंचायत में सरकारी कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंचायत की वार्ड संख्या 2 की सदस्या अफसरी खातून को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन की राशि बंद कर दी गई। जीवित रहते हुए मृत घोषित किए जाने की इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वार्ड सदस्या अफसरी खातून ने बताया कि यह अत्यंत अजीबोगरीब और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष अगस्त माह में उन्होंने केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र संबंधित कार्यालय में जमा कराया था, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया। पेंशन बंद होने के बाद जब उन्होंने जानकारी ली तो इस गंभीर त्रुटि का खुलासा हुआ।
अफसरी खातून ने यह भी आरोप लगाया कि केवल उनका ही नहीं, बल्कि इसी पंचायत की आधा दर्जन से अधिक अन्य जीवित महिलाओं को भी कागजों में मृत घोषित किया जा चुका है। इससे कई जरूरतमंद महिलाओं की पेंशन रुक गई है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से गरीब और वृद्ध महिलाओं को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की पीड़ा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए तथा सभी प्रभावित लाभुकों की पेंशन तत्काल बहाल की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न हो।

