पूर्व बीडीसी रणविजय सिंह की पत्नी मंजू देवी का असामयिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: स्थानीय प्रखंड के बरेजा पंचायत के पूर्व बीडीसी रणविजय सिंह की पत्नी, कैंसर पीड़ित 62 वर्षीय मंजू देवी का गुरुवार की देर शाम असामयिक निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही धर्मपुरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग देर रात तक शोकाकुल परिवार को ढाढ़स बंधाते रहे, जिससे पूरे इलाके में गहरी शोक की लहर व्याप्त हो गई।
शुक्रवार की सुबह गांव से पार्थिव शरीर की शवयात्रा निकाली गई, जो पैदल ही लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर माँझी स्थित सरयू नदी के तट पर श्मशान घाट पहुंची। वहां विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां दिवंगत के छोटे पुत्र अनुप कुमार सिंह उर्फ इंकू ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, शुभचिंतक और रिश्तेदार उपस्थित रहे। दिवंगत अपने पीछे एक विवाहित पुत्री तथा तीन पुत्र—अभिषेक कुमार उर्फ टिंकू, अविनाश कुमार उर्फ मिंकु और अनुप कुमार उर्फ इंकू—से भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
बताया जाता है कि मंजू देवी पिछले तीन वर्षों से कैंसर से पीड़ित थीं और उनका इलाज मुंबई के एक बड़े कैंसर अस्पताल में चल रहा था। करीब एक माह पूर्व चिकित्सकों द्वारा निराशाजनक स्थिति बताते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बावजूद पुत्रों ने अंतिम प्रयास तक मां की सेवा का संकल्प लिया और लाखों रुपये खर्च कर घर के एक कमरे को आईसीयू जैसी मेडिकल सुविधा से लैस कर दिया। लगभग डेढ़ माह तक घर पर ही उनकी देखभाल की गई, लेकिन गुरुवार की शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया।
ममतामयी स्वभाव और सरल व्यक्तित्व के कारण मंजू देवी न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में अत्यंत सम्मानित थीं। यही कारण रहा कि उनकी अंतिम यात्रा में लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ कंधे पर ही लगभग 10 किलोमीटर तक पार्थिव शरीर को श्मशान घाट तक पहुंचाया। इस दौरान हर आंख नम थी और हर जुबां पर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना सुनाई दे रही थी।

