प्रधान शिक्षक को प्रभार नहीं सौंपना पड़ा भारी, नियमित शिक्षक निलंबित
बेतिया (पश्चिम चम्पारण, बिहार): बिहार शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता के एक गंभीर मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण ने कड़ा कदम उठाया है। रा०प्रा०वि० मुसहर टोली चनायनबांध, प्रखंड मझौलिया में पदस्थापित नियमित शिक्षक एवं पूर्व प्रभारी दिलीप कुमार को सरकारी आदेश की अवहेलना और आचरण नियमावली के उल्लंघन के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, विद्यालय की नवपदस्थापित प्रधान शिक्षिका विशाखा कुमारी ने लिखित अभ्यावेदन देकर शिकायत की थी कि बार-बार अनुरोध के बावजूद पूर्व प्रभारी शिक्षक दिलीप कुमार द्वारा विद्यालय का प्रभार उन्हें हस्तगत नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मझौलिया को भी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अंततः मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई।
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि श्री दिलीप कुमार द्वारा विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश की अनदेखी की गई, जो स्वेच्छाचारिता, मनमानी और सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल है। इसे गंभीर कदाचार मानते हुए बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण नियमावली–2005 (संशोधित) के तहत उन्हें निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि के दौरान दिलीप कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गौनाहा निर्धारित किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-क) जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना, पश्चिम चम्पारण द्वारा अलग से निर्गत किया जाएगा। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाएगा।

