सक्षमता परीक्षा 2025 (चतुर्थ) उत्तीर्ण शिक्षकों के बायोमेट्रिक मिलान का आदेश, जिला स्कूल छपरा में होगा सत्यापन

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सारण (बिहार): बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली–2023 के नियम-4 के तहत स्थानीय निकाय के शिक्षकों के लिए आयोजित सक्षमता परीक्षा 2025 (चतुर्थ) में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के थंब इम्प्रेशन एवं अन्य बायोमेट्रिक मिलान को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण द्वारा महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सारण से पत्रांक 7773 के माध्यम से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, परीक्षा नियंत्रक (विविध), बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के निर्देश के आलोक में सक्षमता परीक्षा 2025 (चतुर्थ) में सफल शिक्षकों का मूल प्रवेश पत्र जमा कराते हुए थंब इम्प्रेशन एवं बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाना है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षा प्रक्रिया की वैधता की पुष्टि के उद्देश्य से की जा रही है।
आदेश में बताया गया है कि सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के शिक्षकों का बायोमेट्रिक मिलान दो तिथियों में जिला स्कूल, छपरा में किया जाएगा। 29 दिसंबर 2025 को अमनौर, मढ़ौरा, मकेर, परसा, मशरक, गड़खा, सोनपुर, दिघवारा, दरियापुर एवं नगरा प्रखंड के शिक्षकों का सत्यापन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। इस दिन नोडल पदाधिकारी के रूप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सारण धनंजय कुमार paswan की देखरेख में प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
वहीं 30 दिसंबर 2025 को मांझी, एकमा, पानापुर, तरैया, बनियापुर, इसुआपुर, सदर छपरा, लहलादपुर, जलालपुर एवं रिविलगंज प्रखंड के शिक्षकों का बायोमेट्रिक मिलान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दिन की भी जिम्मेदारी धनंजय कुमार पासवान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सारण के नेतृत्व में ही निभाई जाएगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी संबंधित शिक्षक सक्षमता परीक्षा 2025 (चतुर्थ) का मूल प्रवेश पत्र एवं उसकी एक छायाप्रति अनिवार्य रूप से साथ लेकर निर्धारित तिथि एवं स्थल पर उपस्थित हों। किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या लापरवाही की स्थिति में संबंधित शिक्षक स्वयं जिम्मेवार होंगे।
शिक्षा विभाग के इस कदम से जिले में सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों की पहचान और नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
