अब नहीं रहे मृदुभाषी मृत्युंजय सिंह, दुकान में बैठे-बैठे आया हार्ट अटैक, असामयिक निधन से क्षेत्र शोकाकुल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखण्ड के ताजपुर स्थित अपनी इलेक्ट्रॉनिक दुकान में कुर्सी पर बैठे दुकानदार की रविवार को अचानक हार्ट अटैक से असामयिक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान उडियान पुर गांव निवासी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक स्वर्गीय साधु शरण सिंह के पुत्र मृत्युंजय सिंह के रूप में हुई है। 47 वर्षीय मृत्युंजय सिंह अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषिता और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में विशेष रूप से जाने जाते थे।
परिजनों के अनुसार रविवार दोपहर वे रोज की तरह अपनी इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर कुर्सी पर बैठे थे। इसी दौरान सामान खरीदने पहुंचे एक ग्राहक ने जब उन्हें कुर्सी पर निःशब्द अवस्था में देखा तो जगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। घबराए ग्राहक ने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा उन्हें छपरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कोहराम मच गया और देखते ही देखते दरवाजे पर नाते-रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर आंख नम थी और हर जुबां पर मृत्युंजय सिंह की सादगी, ईमानदारी और सामाजिक सरोकारों की चर्चा हो रही थी। लोग उन्हें एक जिम्मेदार परिवारिक व्यक्ति और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक के रूप में याद कर रहे थे।
बताया जाता है कि मृतक के परिवार में पत्नी, दो पुत्र तथा 87 वर्षीय वृद्ध माता हैं। दुकानदारी ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी और वे पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर निभा रहे थे। वे केवल एक दुकानदार नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी पहचाने जाते थे। उनके असामयिक निधन से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा मांझी क्षेत्र गहरे सदमे में है और हर कोई इस अपूरणीय क्षति को लेकर शोकाकुल है।

