₹16 हजार रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार, निगरानी की 2026 में 105वीं ट्रैप कार्रवाई
जमीन की नापी के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, अरवल के ओझा विगहा मोड़ से निगरानी टीम ने दबोचा
अरवल, 1 अक्टूबर 2026
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ब्यूरो की टीम ने अरवल अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवमंगल प्रसाद को 16 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी टीम ने उन्हें अरवल स्थित ओझा विगहा मोड़ से गिरफ्तार किया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, उमैराबाद निवासी रवीन्द्र प्रसाद ने अपने पुश्तैनी जमीन की नापी कराने के लिए अरवल अंचल कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आवेदन के बावजूद काफी दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और जमीन की नापी कराने के एवज में संबंधित कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 115/26 दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस निरीक्षक उपेन्द्र कुमार के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए शिवमंगल प्रसाद को 16,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें निगरानी के विशेष न्यायालय, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 115वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इनमें यह 105वां ट्रैप कांड है। ब्यूरो के अनुसार अब तक 105 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 37,63,800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। इसके अतिरिक्त 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वाशिंग मशीन भी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई थी।

