कृषि विज्ञान केंद्र मांझी में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण संपन्न, 52 युवक-युवतियों को मिला प्रमाणपत्र
कम जमीन में स्वरोजगार और उद्यमिता का अवसर, वैज्ञानिक तकनीक से मशरूम उत्पादन शुरू करने का किया गया आह्वान
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी में आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। इस प्रशिक्षण में सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 52 युवक-युवतियों ने भाग लिया। समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर मशरूम उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षणार्थियों को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मशरूम विशेषज्ञ डॉ. दयाराम, डॉ. आर. पी. प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र मांझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी तथा उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने प्रमाणपत्र प्रदान किए।
कम जमीन में शुरू कर सकते हैं अपना व्यवसाय
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मशरूम विशेषज्ञ डॉ. दयाराम और कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि मशरूम उत्पादन युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक उपयोगी माध्यम बन सकता है। इसके जरिए कम भूमि में भी कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने और आय के नए अवसर विकसित करने की संभावना है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग व्यावहारिक जीवन में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर युवा मशरूम उत्पादन शुरू कर सकते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे सकते हैं।
बटन और ओएस्टर मशरूम उत्पादन की मिली जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक अभ्यास पर विशेष जोर दिया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र मांझी के वैज्ञानिकों के अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मशरूम विशेषज्ञ डॉ. दयाराम एवं डॉ. आर. पी. प्रसाद ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी दी। वहीं, सारण के सफल मशरूम उत्पादक अजय कुमार यादव और महिला मशरूम उत्पादक सुनीता प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रतिभागियों ने स्वयं तैयार किए मशरूम उत्पादन बैग
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम के परिचय एवं महत्व, प्रमुख प्रकारों और प्रजातियों, उत्पादन के लिए उपयुक्त माध्यम, बटन एवं ओएस्टर मशरूम के लिए कम्पोस्ट तैयार करने की विधि तथा मशरूम स्पॉन की जानकारी दी गई।
इसके अलावा मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, फसल प्रबंधन, कटाई, भंडारण, मूल्य संवर्धन और विपणन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षणार्थियों ने स्वयं ओएस्टर मशरूम उत्पादन के लिए बैग तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। इससे उन्हें उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने और आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
युवाओं को उद्यमिता से जोड़ना कार्यक्रम का उद्देश्य
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सारण जिले के युवाओं को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों में दक्ष बनाकर स्वरोजगार, उद्यमिता और आय सृजन के अवसरों से जोड़ना था।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी की डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. विजय कुमार, अमित आनंद, राकेश कुमार, उमाशंकर कुमार एवं अवनीश कुमार पाण्डेय ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
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