ताजपुर पुल पर जल्द शुरू होगा छोटे चारपहिया वाहनों का परिचालन, एक सप्ताह में बैरिकेडिंग हटाने का आश्वासन
ग्रामीणों की मांग के बाद प्रशासन पर बढ़ा दबाव, जनप्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखंड के ताजपुर में सिसवन-मांझी मुख्य मार्ग पर दहा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद लंबे समय से आवागमन प्रभावित है। पुल पर सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग के कारण ग्रामीणों और आसपास की सात पंचायतों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों की लगातार मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद एक सप्ताह के अंदर पुल पर लगी बैरिकेडिंग हटाकर छोटे चारपहिया वाहनों के लिए आवागमन शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है।
इस संबंध में मांझी प्रखंड के उप प्रमुख राम किशुन सिंह के निजी आवास पर जनप्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। नेताओं ने बताया कि हाल ही में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें दहा नदी के पुल पर लगी बैरिकेडिंग की समस्या से अवगत कराया और आवागमन बहाल कराने की जोरदार मांग रखी।
ग्रामीणों ने सांसद से पुल पर आवागमन सुगम कराने की मांग करते हुए कहा कि बैरिकेडिंग के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग पर सांसद ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था।
चेफुल पंचायत के वर्तमान पैक्स अध्यक्ष संत सिंह ने भी पुल पर लगी बैरिकेडिंग हटाने और आवागमन बहाल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। वहीं सांसद के करीबी धर्मेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि एक सप्ताह के भीतर छोटे चारपहिया वाहनों का परिचालन शुरू कराने की दिशा में पहल की जा रही है।
सात पंचायतों के लोगों को मिलेगी राहत
पूर्व प्रमुख राम किशुन सिंह ने कहा कि पुल से छोटे वाहनों का परिचालन शुरू होने से आसपास की करीब सात पंचायतों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के कुछ समय बाद ही इसमें दरार आने की शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद सारण जिला प्रशासन के निर्देश पर पुल पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया था।
फिलहाल सांसद के प्रयास से पुल को पूरी तरह खोलने के बजाय एक तरफ से छोटे चारपहिया वाहनों के परिचालन की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल का स्थायी समाधान तभी होगा, जब क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया और मजबूत पुल बनाया जाएगा। सांसद की ओर से नए पुल के निर्माण का आश्वासन भी दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणों समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

