घर की चौखट पर होगी बीमारी की पड़ताल, सारण में 19 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य
‘जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू, समाहरणालय में लगा जांच शिविर
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: गैर-संचारी रोगों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सारण जिले में ‘जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। जिले में अभियान के दौरान करीब 19 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर सारण समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच शिविर लगाया गया। शिविर में पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विभिन्न कार्यों से समाहरणालय पहुंचे आम लोगों की भी गैर-संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग की गई। जांच के आधार पर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
शिविर में आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. शशिकांत, सीएचओ कंचन कनवर और जीएनएम गौरव कुमार ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता और एएनएम अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति का प्रारंभिक आकलन करेंगी। प्रत्येक परिवार का फैमिली फोल्डर तैयार किया जाएगा। कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट के माध्यम से बीमारी के उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी।
स्क्रीनिंग से प्राप्त जानकारी को मोबाइल आधारित एनसीडी एप्लीकेशन पर दर्ज किया जाएगा, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और उन्हें आगे की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बिना लक्षण वाले लोगों की भी होगी जांच
अभियान का उद्देश्य केवल पहले से बीमार लोगों की पहचान करना नहीं है। ऐसे लोगों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी, जिनमें फिलहाल बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं हैं।
जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि स्वस्थ दिखाई देने वाले लोगों में भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम की पहचान पर जोर दिया जा रहा है। समय रहते जोखिम का पता चलने पर जीवनशैली में बदलाव, नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श के जरिए गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है।
इन प्रमुख बीमारियों की होगी स्क्रीनिंग
उच्च रक्तचाप
मधुमेह
मुंह का कैंसर
स्तन कैंसर
गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर
हृदय रोग
गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज
सीओपीडी
बीमारी या उसके जोखिम की पहचान होने पर मरीज को आवश्यक उपचार और आगे की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
30 वर्ष या अधिक उम्र वालों पर विशेष फोकस
अभियान में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आने वाले इस आयु वर्ग के लोगों की लंबाई और वजन मापकर बीएमआई की गणना की जाएगी। इसके बाद उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग, फैटी लिवर डिजीज और सीओपीडी से संबंधित आवश्यक स्क्रीनिंग की जाएगी।
पहले से पंजीकृत मरीजों की भी दोबारा जांच की जाएगी, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी और उपचार की निरंतरता बनी रहे।
गंभीर मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान किया जाएगा रेफर
स्क्रीनिंग के दौरान गंभीर लक्षण या जटिल स्थिति सामने आने पर मरीज को बेहतर उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान रेफर किया जाएगा। जरूरत के अनुसार टेली-कंसल्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित आवश्यकता के अनुसार मरीजों को 30 दिनों तक की दवा उपलब्ध कराने का भी प्रावधान रखा गया है।
स्वास्थ्य संस्थानों में होंगी महत्वपूर्ण जांचें
अभियान के दौरान जरूरत के अनुसार सीबीसी, ब्लड शुगर, एचबीए1सी, लिपिड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, 24 घंटे का यूरिन फॉर प्रोटीन, ईसीजी, पैप स्मीयर, बायोप्सी, विटामिन-डी3, विटामिन-बी12, टी3, टी4 और टीएसएच जैसी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
संदिग्ध मरीजों की जांच के बाद बीमारी की पुष्टि की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार उपचार, दवा या उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल किया जाएगा।
19 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि सारण जिले में अभियान के दौरान 19 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसे पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग की जमीनी टीमों के साथ आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अभियान का उद्देश्य स्क्रीनिंग को केवल जांच तक सीमित न रखकर जोखिम की पहचान से लेकर उपचार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि सारण के अधिक से अधिक लोगों को बीमारी की समय रहते जानकारी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के करीब मिल सकें।

