गंगा के तांडव से छपरा का एक पंचायत जलमग्न, आठ गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत गंगा दियारा क्षेत्र में स्थित अकिलपुर पंचायत में विकराल रूप धारण कर लिया है। पंचायत के सभी आठ गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। अकिलपुर से दिघवारा आने-जाने के लिए प्रशासन की ओर से फिलहाल आठ नावें उपलब्ध कराई गई हैं। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वकील राय ने प्रशासन से प्रभावित लोगों को युद्ध स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
आठ गांव बाढ़ की चपेट में
अकिलपुर पंचायत के दूधिया, बतौली, बभनगामा, सलहली, बंगला पर, अकिलपुर समेत सभी आठ गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई लोग अपने परिवार, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों, बांधों और सड़क किनारे शरण लेने लगे हैं।
बाढ़ के कारण पंचायत के कई सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी पानी प्रवेश कर गया है। अधिकांश सरकारी विद्यालयों में जलजमाव के कारण पठन-पाठन प्रभावित है। सड़कों पर पानी बहने से यातायात लगभग ठप हो गया है। ग्रामीण छोटी नावों और स्थानीय स्तर पर बनाए गए अस्थायी साधनों के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं।
भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य का संकट
पंचायत में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से लोगों के सामने भोजन और पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। कई घरों की रसोई में पानी घुस जाने से चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है। प्रभावित परिवार सूखे भोजन, चूड़ा और गुड़ के सहारे समय काट रहे हैं। वहीं, पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहराता जा रहा है।
बाढ़ के पानी में किसानों की महीनों की मेहनत भी डूब गई है। खेतों में लगी मक्का और मौसमी सब्जियों की फसलें बर्बाद होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
आवागमन बाधित होने के कारण बीमार, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी परेशानी हो रही है। वहीं बाढ़ के पानी के साथ सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
अकिलपुर थाना परिसर भी जलमग्न, जब्त वाहन डूबे
बाढ़ की चपेट में अकिलपुर थाना परिसर भी आ गया है। थाना परिसर के चारों ओर पानी फैलने के साथ अंदरूनी हिस्सों में भी जलजमाव हो गया है। परिसर में रखे सैकड़ों जब्त वाहन पानी में डूब गए हैं।
जलजमाव के कारण पुलिसकर्मियों को रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है। यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो थाना भवन को खाली कर किसी सुरक्षित स्थान से अस्थायी रूप से संचालन की आवश्यकता पड़ सकती है।
प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। प्रभावित परिवारों का आकलन कर राहत और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है। फिलहाल अकिलपुर पंचायत के लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद प्रशासन की राहत एवं बचाव व्यवस्था पर टिकी हुई है।

