गंडक के बढ़ते जलस्तर से सारण में अलर्ट, तटबंधों की निगरानी बढ़ी
नेपाल में भारी बारिश के बाद बढ़ी नदी की आवक, सात तटवर्ती प्रखंडों में प्रशासन सतर्क
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने अलर्ट बढ़ा दिया है। तटबंधों की निगरानी और पेट्रोलिंग तेज करने के साथ संभावित प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने अगले दो-तीन दिनों तक अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर गंडक के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि गंडक नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी पहुंच चुका है, जबकि लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने की आशंका है।
गंडक में बढ़ते प्रवाह के बीच राज्य स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार 28 सितंबर की सुबह वाल्मीकिनगर बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और यह पानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली की ओर बढ़ा।
रात में भी राहत-बचाव की तैयारी
प्रशासन ने संभावित स्थिति को देखते हुए रात में भी त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया है। नदी और तटबंध के बीच बसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन उपलब्ध कराने और आवश्यक राहत सामग्री मुहैया कराने की तैयारी की गई है।
विकास मित्रों को भी निगरानी में सक्रिय रखने तथा पदाधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर कम समय में राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए वेंडर्स को भी चिह्नित किया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मुखियाओं से समन्वय बनाकर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है।
दरियापुर में 500 लोगों के लिए तैयारी
दरियापुर प्रखंड के संभावित प्रभावित क्षेत्रों की विशेष समीक्षा की गई है। करीब 100 घरों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लगभग 500 लोगों के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री समेत अन्य जरूरी सामान का अतिरिक्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर तटबंध के समीप सामुदायिक रसोई शुरू कर प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
गांवों में माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिले के सभी अंचलों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।
बीडीओ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी ग्रामीणों को मौसम की स्थिति और प्रशासनिक निर्देशों की जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभावित स्थिति को लेकर अफरातफरी की जरूरत नहीं है, लेकिन तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। तटबंधों और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए सभी संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सारण जिला प्रशासन की आधिकारिक आपदा प्रबंधन जानकारी के अनुसार जिला गंडक बेसिन में स्थित है और बाढ़ जिले की प्रमुख मौसमी आपदाओं में शामिल है।

