राजेंद्र कॉलेज में हिंदी दिवस कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों ने कविता पाठ और भाषण से हिंदी के प्रति जताया सम्मान
राष्ट्रीय एकता व अखंडता को आगे बढ़ाने में हिंदी का अमूल्य योगदान : डॉ. अशोक
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: राजेंद्र कॉलेज के हिंदी विभाग के तत्वावधान में सोमवार को हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने की। उन्होंने भाषा के महत्व और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से अपनी भाषा में कौशल एवं हुनर विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिन्हा ने हिंदी की विकास यात्रा और उसके संवैधानिक स्वरूप की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता को आगे बढ़ाने में हिंदी का अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और प्रत्येक भारतीय को अपने देश एवं भाषा पर गर्व है। इसलिए सभी को हिंदी के संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
हिंदी साहित्य और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा
हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. बेठियार सिंह साहू ने हिंदी के व्यापक स्वरूप और इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का साहित्य जितना समृद्ध होगा, वह आने वाली पीढ़ियों को उतना ही समृद्ध करता रहेगा।
डॉ. श्यामशरण ने हिंदी के अग्रेतर विकास के लिए आवश्यक पहल पर चर्चा की, जबकि डॉ. रविकांत सिंह ने हिंदी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डॉ. सुनील प्रसाद ने दैनिक जीवन में हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी हिंदी के गौरव, इतिहास और राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका पर अपने विचार रखे।
विद्यार्थियों ने कविता और भाषण से बांधा समां
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने हिंदी विषय पर कविता पाठ एवं भाषण प्रस्तुत किए। हिंदी विभाग की छात्रा रजनी कुमारी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इस अवसर पर प्राची, रत्नेश राज, चांदनी, अर्चना, देवांशी, अनन्या, आनंद, काजल और महिमा ने हिंदी विषय पर भाषण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में गणित विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार मिश्रा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना उपाध्याय, डॉ. प्रत्युष कुमार सिंह, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. दयानंद ठाकुर एवं वरीय सहायक हरिहर मोहन समेत अन्य शिक्षक और कर्मी उपस्थित रहे।

