मां की पहली पुण्यतिथि पर छलकीं यादें, कलावती देवी को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
गीता पाठ और सुंदरकांड से हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम का शुभारंभ, रात्रि में भक्तिमय गीतों ने वातावरण को किया भावुक
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले गीता पाठ किया गया। इसके बाद सुंदरकांड पाठ के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद स्वर्गीय कलावती देवी के तेलचित्र पर पुष्प एवं माला अर्पित कर परिजनों और उपस्थित लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान वातावरण पूरी तरह भावुक हो गया। मां की तस्वीर के सामने खड़े परिजन उनकी यादों में खो गए। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय कलावती देवी के जीवन, उनके स्नेह और परिवार के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
बेटों ने मां को किया याद
प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र धनंजय दुबे एवं राधेश्याम दुबे सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। साधु दुबे, अमित कश्यप, पैक्स अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया सुरेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत कलावती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों ने कहा कि मां भले ही आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सीख, संस्कार और आशीर्वाद हमेशा परिवार के साथ रहेंगे। उनकी स्मृतियां परिवार के लिए जीवनभर एक अनमोल धरोहर बनी रहेंगी।
भक्तिमय गीतों से देर रात तक गूंजता रहा माहौल
पुण्यतिथि के अवसर पर रात्रि में सांस्कृतिक एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें व्यास अनिरुद राम, राम बहादुर यादव, व्यास सुरेश लाल, प्रो. जनार्दन सिंह सहित दर्जनों लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धांजलि कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
लोक गायकों ने भक्ति एवं भावपूर्ण गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गीतों के बीच जहां श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए, वहीं मां की स्मृतियों को याद कर कई आंखें नम भी हो गईं।
कार्यक्रम के माध्यम से परिवार और ग्रामीणों ने स्वर्गीय कलावती देवी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

