एकमा के राज हॉस्पिटल में 30 वर्षीय महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
आठ घंटे तक हंगामा, इलाज करने वाले व्यक्ति की भूमिका पर भी उठे सवाल; पुलिस जांच में जुटी
बोर्ड पर नाम किसी और का और इलाज किसी और के द्वारा! महिला की मौत का जिम्मेदार कौन? हंगामा के बाद उठे सवाल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: एकमा के एक निजी अस्पताल में रविवार रात इलाज के दौरान 30 वर्षीय आरती कुमारी की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका बनियापुर के बीडीसी पवन शर्मा की पत्नी बताई जा रही हैं। वह इन दिनों अपने मायके सलीम पट्टी में थीं।
जानकारी के अनुसार, ब्लीडिंग की शिकायत के बाद आरती कुमारी को एकमा स्थित राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और मारपीट का आरोप लगाते हुए करीब आठ घंटे तक हंगामा किया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल संचालक के फरार होने की बात भी सामने आई है।
अस्पताल के साइन बोर्ड को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और वहां इलाज करने वाले चिकित्सकों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अस्पताल के मुख्य साइन बोर्ड पर डॉ. मुकेश कुमार के नाम के साथ MBBS और MS की योग्यता अंकित होने की बात सामने आई है। वहीं डॉ. के. आलम के नाम के साथ बोर्ड पर चिकित्सा डिग्री स्पष्ट रूप से अंकित नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित चिकित्सक के पास कोई चिकित्सा योग्यता नहीं है। इसकी पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और सक्षम विभाग से होना आवश्यक है।
मृतका के पति ने इलाज को लेकर लगाया गंभीर आरोप
मृतका के पति के बयान के अनुसार, अस्पताल में आरती का इलाज गुड्डू सिंह और उनके दो अन्य साथियों द्वारा किए जाने का आरोप लगाया गया है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है कि अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक के बजाय किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चिकित्सा उपचार किया जा रहा था, तो यह गंभीर मामला हो सकता है।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही की पुष्टि हो सकेगी।
सरकारी अस्पताल के बाद अब निजी अस्पताल पर भी सवाल
एकमा में सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा छेड़ दी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज कौन कर रहा है, चिकित्सकों की योग्यता और पंजीकरण की जांच कौन करता है और अस्पतालों में निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं?
मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल की व्यवस्था, वहां कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की योग्यता तथा घटना के समय मरीज का इलाज किसके द्वारा किया जा रहा था, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच के साथ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

