राम भरोसे जीवन यापन करने वाले भारत राम को मिला स्वास्थ्य विभाग का साथ
छपरा सदर अस्पताल में पहली बार सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी:
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले की सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली ने एक नया और ऐतिहासिक आयाम स्थापित किया है। छपरा सदर अस्पताल में चिकित्सा जगत का एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए पहली बार एक 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की जटिल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को पूरी तरह से सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस आधुनिक और उन्नत ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया है कि अब जिले के आम और जरूरतमंद मरीजों को जटिल उपचार के लिए बड़े शहरों या महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर काटने की मजबूरी से मुक्ति मिल रही है।
यह ऐतिहासिक सर्जरी सारण जिले के अमनौर प्रखंड के रहने वाले 65 वर्षीय भारत राम की गई है। बुजुर्ग अवस्था में उन्हें कूल्हे की हड्डी में गंभीर चोट लगने के बाद गंभीर स्थिति में छपरा सदर अस्पताल के आपातकालीन एवं ऑर्थोपेडिक वार्ड में लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा की गई गहन जांच और एक्स- रे के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मरीज 'फ्रैक्चर नेक ऑफ फीमर' जैसी गंभीर समस्या से पीड़ित है। बुजुर्गों में इस प्रकार का फ्रैक्चर शारीरिक गतिशीलता को पूरी तरह से ठप कर देता है और यदि समय पर उचित इलाज न हो, तो लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के कारण अन्य गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुशल टीम:
इस जटिल चुनौती को स्वीकार करते हुए सदर अस्पताल के कुशल और अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रवि अमृत ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए आधुनिक 'बाइपोलर हेमीआर्थ्रोप्लास्टी' तकनीक के माध्यम से मरीज का सफल ऑपरेशन किया। इस बड़ी सर्जरी के दौरान मरीज की सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अमरेश कुमार ने एनेस्थीसिया और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की कमान संभाली। दोनों विशेषज्ञों के बेहतरीन तालमेल और नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से यह जटिल सर्जिकल प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
आयुष्मान भारत योजना का वरदान:
इस पूरी उपलब्धि का सबसे सराहनीय पहलू यह रहा कि यह महंगी और आधुनिक सर्जरी पूरी तरह से 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के अंतर्गत निःशुल्क संपन्न हुई। भारत राम जैसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए इस स्तर की हाई- टेक सर्जरी का खर्च उठाना अमूमन असंभव सा होता है। निजी अस्पतालों में इस प्रकार के ऑर्थोपेडिक उपचार पर लाखों रुपए का खर्च आता है, लेकिन सरकारी अस्पताल में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन ने यह साबित कर दिया है कि अब आर्थिक तंगी किसी भी मरीज के बेहतर इलाज में बाधा नहीं बनेगी।
चिकित्सा व्यवस्था में एक नई उम्मीद:
छपरा सदर अस्पताल में इस प्रकार की उन्नत शल्य चिकित्सा का सफल होना सारण जिले के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है। अब तक हड्डी से जुड़ी गंभीर और जटिल समस्याओं के लिए मरीजों को पटना या अन्य महानगरों के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। इस सफल ऑपरेशन के बाद से स्थानीय स्तर पर लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
मरीज की वर्तमान स्थिति और स्वास्थ्य लाभ:
सफल ऑपरेशन के बाद 65 वर्षीय भारत राम की सेहत पूरी तरह से स्थिर और संतोषजनक है। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में उन्हें रिकवरी वार्ड में रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद उचित चिकित्सकीय देखभाल, दवाइयों और चरणबद्ध फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीज को बहुत जल्द अपने पैरों पर खड़े होने और सामान्य दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने में पूरी मदद मिलेगी।
सारण के स्वास्थ्य भविष्य की ओर उज्ज्वल कदम:
छपरा सदर अस्पताल की यह सफलता केवल एक मरीज का इलाज नहीं है, बल्कि यह जिले की चिकित्सा व्यवस्था में बढ़ती आधुनिक क्षमताओं, संसाधनों के सही उपयोग और चिकित्सकों के समर्पित प्रयासों का जीता- जागता प्रमाण है। इस प्रकार की विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार से आने वाले दिनों में सारण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सीय लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह पहल निश्चित रूप से राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उन संकल्पों को साकार करती है, जिसके तहत हर नागरिक को सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

