सरयू के भीषण कटाव से दहला दियारा, 15 दिनों में 300 से अधिक मकान नदी में समाए; सैकड़ों परिवारों का पलायन शुरू
500 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नदी में विलीन, प्रशासन अलर्ट; राहत कार्य तेज, तटबंध निर्माण की उठी मांग
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के मांझी प्रखंड स्थित ड्यूमाईगढ़ घाट के सामने सरयू नदी में पिछले 15 दिनों से जारी भीषण कटाव ने दियारा क्षेत्र में तबाही मचा दी है। नदी की धारा दो हिस्सों में बंटने से पूरे इलाके का भूगोल तेजी से बदल रहा है। कटाव का सबसे अधिक असर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती प्रखंड अंतर्गत शिवपुर पंचायत के पूरब स्थित गोपालनगर पंचायत पर पड़ा है, जहां अब तक 300 से अधिक कच्चे और पक्के मकान सरयू की तेज धारा में समा चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कटाव के कारण 500 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि भी नदी में विलीन हो चुकी है। इसके अलावा 100 से अधिक हरे-भरे पेड़ जड़ों समेत बह गए हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि गोपालनगर के तांडी टोला के बीचों-बीच अब सरयू की मुख्य धारा बहने लगी है। खेत, बाग-बगीचे और ग्रामीण रास्ते देखते ही देखते नदी का हिस्सा बन गए हैं।
कटाव की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक जय प्रकाश अंचल और बलिया के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) लगातार प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें गांव-गांव जाकर मुनादी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं। दहशत के माहौल में लोग अपने घरों से जरूरी सामान, अनाज और मवेशियों को लेकर रिश्तेदारों या सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
इधर राहत एवं बचाव कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। भाजपा नेता सूर्यभान सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता मनटन वर्मा तथा विधान परिषद सदस्य पप्पू सिंह के पुत्र प्रभावित परिवारों के बीच लगातार राहत सामग्री, पेयजल और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल स्थायी तटबंध निर्माण और बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो सरयू का कटाव और आगे बढ़कर कई अन्य गांवों के अस्तित्व पर भी खतरा बन सकता है।
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