पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज, छठी बार मैदान में उतरने की तैयारी में प्रो. नवल किशोर यादव
पटना (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुके भाजपा के वरिष्ठ विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। नवंबर में प्रस्तावित चुनाव को लेकर विभिन्न संभावित उम्मीदवारों के नामों की चर्चा शुरू हो गई है।
प्रो. नवल किशोर यादव ने वर्ष 1995 में महज 30 वर्ष की उम्र में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच चुनावों में जीत हासिल की। लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने विधान परिषद में शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
शिक्षकों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं
प्रो. यादव की पहचान शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने वाले विधान पार्षद के रूप में रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कई बार सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष मजबूती से आवाज उठाई। विभिन्न मौकों पर उन्होंने अपनी ही सरकार के मंत्रियों और विभागीय नीतियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा में शामिल होने के बाद वह बिहार विधान परिषद के वरिष्ठ सदस्यों में शामिल हैं और पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य भी बताए जाते हैं।
कई नामों की चर्चा
आगामी चुनाव को लेकर अभी राजद की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, पूर्व जदयू विधायक डॉ. संजीव के राजद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की चर्चा राजनीतिक हलकों में है। इसके अलावा एनजीओ संचालिका दिव्या ज्योति और विवेक कुमार शर्मा के नाम भी संभावित उम्मीदवारों के तौर पर सामने आ रहे हैं।
चुनाव में संभावित उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में मैदान में और प्रत्याशियों के उतरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
छठी जीत की चुनौती
लगातार पांच चुनाव जीत चुके प्रो. नवल किशोर यादव के सामने इस बार अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने की चुनौती होगी। वहीं विपक्षी खेमे के संभावित उम्मीदवार उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और शिक्षक मतदाताओं के बीच प्रभाव को चुनौती देने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
हालांकि, चुनाव परिणाम का फैसला मतदाता करेंगे। फिलहाल पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां बढ़ने के साथ मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।

