एके-47 मामले में वार्ड पार्षद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी गिरफ्तार, NIA ने बिहार STF के सहयोग से दबोचा
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिले के फकुली थाना क्षेत्र में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामदगी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सारण के परसा बाजार नगर पंचायत क्षेत्र के फरार आरोपी मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी को गिरफ्तार किया है। NIA के मुताबिक, आरोपी को बिहार STF के सहयोग से 22 अगस्त 2026 को चेतन परसा स्थित उसके आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।
करमुल्लाह अंसारी पर इस मामले में अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की कथित तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप है। यह मामला RC-11/2024/NIA/DLI से संबंधित है, जिसकी जांच NIA कर रही है। NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी यह मामला फकुली थाना, मुजफ्फरपुर में AK-47 हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी से जुड़ा दर्ज है।
वार्ड पार्षद हैं करमुल्लाह अंसारी
गिरफ्तार करमुल्लाह अंसारी परसा बाजार नगर पंचायत की चेयरमैन ऐशा खातून के पुत्र हैं और वर्तमान में नगर पंचायत के वार्ड संख्या-2 के वार्ड पार्षद बताए गए हैं। इससे पहले भी NIA ने दिसंबर 2024 में उनके ठिकाने पर कार्रवाई की थी। उस समय वह जांच एजेंसी की टीम के पहुंचने से पहले फरार हो गए थे। 22 अगस्त की कार्रवाई में NIA टीम उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
नागालैंड से बिहार हथियार तस्करी का आरोप
NIA की जांच के अनुसार, मामले में आरोप है कि करमुल्लाह ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की साजिश रची। एजेंसी के अनुसार यह नेटवर्क सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले हथियारों की तस्करी से जुड़ा है। NIA ने इससे पहले भी इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पहले भी हो चुकी है कई आरोपियों पर कार्रवाई
इस मामले में NIA ने अलग-अलग चरणों में आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं। एजेंसी की कार्रवाई में विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अगस्त 2026 में NIA ने मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया था।
करमुल्लाह अंसारी की गिरफ्तारी के बाद NIA मामले में हथियार तस्करी के कथित नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की जांच कर रही है।
नोट: आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं; मामले का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होगा।

