कम वजन वाले नवजातों के लिए वरदान है कंगारू मदर केयर, 2.5 किलोग्राम तक नियमित केएमसी देने की सलाह
पूर्णिया (बिहार) | 04 अगस्त 2026
नवजात शिशुओं को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंगारू मदर केयर (केएमसी) को प्रभावी और सरल उपाय बताया जा रहा है। विशेष रूप से जन्म के समय 2 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले शिशुओं के लिए यह विधि बेहद लाभकारी मानी जाती है। स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल में ही माताओं और परिजनों को केएमसी की पूरी जानकारी देकर कमजोर नवजातों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, के. नगर की एएनएम संगीता सोरेन ने बताया कि प्रसव के बाद प्रत्येक नवजात का वजन किया जाता है। यदि शिशु का वजन 2 किलोग्राम से कम होता है तो उसे कंगारू मदर केयर के माध्यम से सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। इस विधि में शिशु को मां के सीने से त्वचा के सीधे संपर्क में रखा जाता है, जिससे उसे शरीर की प्राकृतिक गर्माहट मिलती है और उसका तेजी से विकास होता है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश मां केएमसी नहीं दे सकती हैं तो परिवार का कोई भी सदस्य शिशु को सुरक्षित तरीके से केएमसी दे सकता है। इस दौरान बच्चे को टोपी, दस्ताने और मोजे पहनाकर चादर से ढंकते हुए सीने से लगाए रखना चाहिए। नियमित केएमसी और समय-समय पर स्तनपान से कम वजन वाले शिशु भी जल्द स्वस्थ हो सकते हैं।
एएनएम ने बताया कि नवजात को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना चाहिए तथा दिन में 8 से 10 बार स्तनपान कराना आवश्यक है। साथ ही शिशु का वजन 2.5 किलोग्राम होने तक नियमित रूप से केएमसी जारी रखने की सलाह दी जाती है।
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) विभव कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, के. नगर में कमजोर नवजातों की देखभाल के लिए सभी आवश्यक जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि बच्चे का वजन लगातार कम रहता है तो उसे शिशु विशेषज्ञ से जांच कराकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर शिशु के स्वास्थ्य और विकास की नियमित निगरानी करती हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कंगारू मदर केयर न केवल कम वजन वाले नवजातों के जीवन की सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि संक्रमण के खतरे को कम करने, शरीर का तापमान बनाए रखने और शिशु के समुचित विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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