डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार, सदर अस्पताल में पैरामेडिकल छात्रों को दिया गया प्रशिक्षण
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सदर अस्पताल परिसर स्थित वेक्टर बॉर्न डिजीज कार्यालय द्वारा शुक्रवार को पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों के लिए विशेष डेंगू जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी स्वास्थ्य कर्मियों को डेंगू के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी देकर उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (DVBDCO) डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि डेंगू एक विषाणु जनित बीमारी है, जो एडिज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर साफ एवं ठहरे हुए पानी में पनपता है और प्रायः दिन के समय लोगों को काटता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, चिकित्सकीय सलाह और उचित देखभाल से डेंगू से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को बताया गया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, अत्यधिक कमजोरी, जी मिचलाना और उल्टी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने डेंगू से बचाव के लिए घर एवं आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई, मच्छरदानी के उपयोग, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा बुखार होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं नहीं लेने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित पैरामेडिकल छात्रों से अपने-अपने गांव और मोहल्लों में लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर वीडीसीओ सुमन कुमारी, एसएफडब्ल्यू दीपक कुमार, इन्सेक्ट कलेक्टर्स वर्षा कुमारी एवं अनघ सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी तथा पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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