DCLR के सरकारी आवास पर निगरानी का छापा, ₹2 लाख कैश-वॉशिंग मशीन के साथ दो गिरफ्तार
भूमि विवाद में फैसला पक्ष में देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, सरकारी आवास से 13.82 लाख रुपये अतिरिक्त नकद भी मिला
समस्तीपुर (बिहार) | 27 अगस्त 2026
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने समस्तीपुर जिले के रोसड़ा की भूमि सुधार उप-समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, दोनों को 2 लाख रुपये नकद और करीब 37 हजार रुपये कीमत की नई सैमसंग वॉशिंग मशीन के साथ पकड़ा गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, यह कार्रवाई 27 अगस्त 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 103/26 के तहत की गई। दोनों की गिरफ्तारी नगर पंचायत रोसड़ा के वार्ड संख्या-24 स्थित DCLR के सरकारी आवास से की गई।
भूमि विवाद में फैसला देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप
ब्यूरो के अनुसार, समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र निवासी परिवादी मनोज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 20/2026-27 में परिवादी के पक्ष में फैसला देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने का दावा किया गया, जिसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई के लिए विशेष धावादल का गठन किया गया।
2 लाख रुपये और वॉशिंग मशीन लेते पकड़े गए
निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित धावादल ने कार्रवाई करते हुए DCLR कंचन कुमारी झा और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को 2 लाख रुपये तथा सैमसंग कंपनी की नई वॉशिंग मशीन के साथ गिरफ्तार किया।
ब्यूरो ने बताया कि वॉशिंग मशीन की कीमत करीब 37,000 रुपये है। कार्रवाई के दौरान सरकारी आवास की तलाशी भी ली गई, जिसमें 13.82 लाख रुपये अतिरिक्त नकद बरामद होने की बात कही गई है।
विशेष न्यायालय में पेश किए जाएंगे आरोपी
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधान कार्रवाई जारी है।
2026 में 103वां निगरानी कांड
ब्यूरो के मुताबिक, भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्ष 2026 में यह 103वां प्राथमिकी दर्ज करने का मामला है। इनमें ट्रैप से संबंधित यह 95वां कांड बताया गया है। ब्यूरो का दावा है कि अब तक कुल 93 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, इन कार्रवाइयों में अब तक 34.34 लाख रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। इस कार्रवाई में पहली बार रिश्वत के सामान के रूप में नई वॉशिंग मशीन भी बरामद होने की जानकारी दी गई है।
नोट: गिरफ्तारी और रिश्वत से जुड़े सभी आरोप निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।

