सारण: लोक गायक व संगीत शिक्षक शेखर सुमन का गंडक नदी से मिला शव, दौड़ी शोक की लहर
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के शोभेपुर गांव निवासी 30 वर्षीय लोक गायक एवं संगीत शिक्षक शेखर सुमन का शव घटना के करीब 36 घंटे बाद गंडक नदी से बरामद किया गया। शव मिलने की खबर से पूरे क्षेत्र और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
शेखर सुमन नगरा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय कोरेया में संगीत शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, मंगलवार की रात वह घर से निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी बंद मिलने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में मकेर थाना क्षेत्र स्थित दारोगा राय सेतु (रेवा पुल) के समीप उनकी कार लावारिस अवस्था में मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
बुधवार को एसडीआरएफ की टीम ने गंडक नदी में काफी देर तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन शेखर का पता नहीं चल सका। गुरुवार दोपहर के बाद मुहरिया गांव के समीप स्थानीय लोगों ने नदी में एक शव देखा। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान शेखर सुमन के रूप में की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों के मुताबिक, कुछ महीने पहले सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शेखर मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
मां और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल
शेखर की मौत की खबर मिलते ही उनकी मां गुंजा देवी सदमे में हैं। वहीं भाई अनिल यादव, राजेश यादव और पंकज यादव का भी रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद शोभेपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
संगीत जगत ने जताया गहरा दुख
शेखर सुमन अपनी गायकी के माध्यम से सारण की पहचान को मजबूत करने वाले कलाकारों में शामिल थे। उनके निधन पर भजन गायिका अल्पना मिश्रा, सनातनी चित्राली उपाध्याय, रामेश्वर गोप, प्रदीप सौरभ, गौतम कुमार, आलम राज, नरमुंडा स्वामी, उत्कर्ष कुमार, मुकेश गिरी, सुकेश सवाली, बीरेंद्र बिहारी, नागेंद्र निराला, मिनी तूफान, मुकेश राय, विकास राय, शिवजी राय, शिवजी राय और राजेंद्र राय समेत कई कलाकारों ने शोक व्यक्त किया। कलाकारों ने शेखर सुमन के निधन को संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

