बेंगलुरु में हादसे का शिकार हुए मांझी के मजदूर की मौत, 27 दिन बाद बुझ गया परिवार का इकलौता सहारा
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: बेंगलुरु में मकान निर्माण कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में मांझी थाना क्षेत्र के नरपालिया गांव निवासी 37 वर्षीय मजदूर असलम खान की 27 दिनों तक चले इलाज के बाद रविवार को मौत हो गई। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जानकारी के अनुसार, असलम खान पिछले कई वर्षों से बेंगलुरु में भवन निर्माण कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। करीब 27 दिन पहले निर्माणाधीन मकान की ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उनका इलाज चलता रहा।
स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें एंबुलेंस से बेंगलुरु से गांव लेकर आ रहे थे। लेकिन रविवार की सुबह रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जैसे ही शव नरपालिया गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
असलम खान की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी का दो वर्ष पूर्व ही निधन हो चुका था। अब पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियां रह गई हैं, जिनके सिर से पिता का साया भी उठ गया। ग्रामीणों ने बताया कि असलम ही परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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