'रविवार गोष्ठी – एक मुलाकात' में देशभर के साहित्यकारों ने बिखेरा काव्य रस, रमाकांत राही रहे मुख्य आकर्षण
12 जुलाई 2026
नई दिल्ली: साहित्यिक संस्था 'साहित्य सेवक' द्वारा आयोजित साप्ताहिक ऑनलाइन साहित्यिक कार्यक्रम 'रविवार गोष्ठी – एक मुलाकात' का गरिमामय एवं सफल आयोजन संपन्न हुआ। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिष्ठित कवियों, साहित्यकारों एवं 70 से अधिक साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता कर साहित्यिक वातावरण को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन "चन्द्र मल्लिका" हर्ष ने किया। अपनी सहज एवं साहित्यिक शैली से उन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित और आकर्षक बनाए रखा। कार्यक्रम की शुरुआत मध्य प्रदेश के ग्वालियर से जुड़ी भूमिका शर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और साहित्यिक गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में साहित्य सेवक के सेवक अभिषेक कुशवाहा ने मंच की साहित्यिक मर्यादाओं एवं नियमों से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। इसके बाद डॉ. दिव्यांशु पाण्डेय ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं का स्वागत करते हुए कहा कि साहित्य सेवक का उद्देश्य नवोदित एवं वरिष्ठ रचनाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना तथा साहित्यिक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं 'टेलीविजन वाह भाई वाह' फेम सुप्रसिद्ध कवि रमाकांत राही (गाजीपुर) ने अपने ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण गीतों और काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों की सभी साहित्यप्रेमियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम में साहित्य सेवक संगठन के संचालन एवं विस्तार में सहयोगी के रूप में वसुंधरा रजक एवं अदम्य त्रिपाठी के योगदान की भी सराहना की गई। आयोजन में पुष्पा साहू "मीरा", मास्टर सानू (राजस्थान), अनामिका शुक्ला, अंतिमा पाण्डेय (प्रयागराज), आशीष सरोज (महाराष्ट्र), अजीत सोनकर, अतुल फरुखाबादी, शिव दत्त त्रिपाठी (लखनऊ), प्रीति तिवारी "काशीवाली", यश सिंह, अरुण कुमार शुक्ला (अयोध्या), आकाश, अनिल कुमार निश्छल, खुशबू सोनकर एवं कृष्णा गुप्ता सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम का समापन उत्कृष्ट काव्य-पाठ, साहित्यिक संवाद एवं आगामी आयोजनों की घोषणा के साथ हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से साहित्य सेवा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
साहित्य सेवक, रविवार गोष्ठी, एक मुलाकात, ऑनलाइन कवि सम्मेलन, रमाकांत राही, अभिषेक कुशवाहा, डॉ. दिव्यांशु पाण्डेय, साहित्य समाचार, हिंदी साहित्य

