विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में राजेंद्र कॉलेज में शिक्षकों व कर्मियों का प्रदर्शन
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में गुरुवार को राजेंद्र कॉलेज परिसर में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में फुसटाब के प्रदेश उपाध्यक्ष सह विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने भाग लेते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा शिक्षकों के अधिकारों के प्रतिकूल है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मियों से इस मुद्दे पर सजग और एकजुट रहने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार विश्वविद्यालय संचालन के लिए लागू 50 वर्ष पुराने बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 को समाप्त कर उनकी जगह बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 लागू करने की तैयारी कर रही है। हालांकि शिक्षकों और विभिन्न संगठनों के विरोध के बाद फिलहाल प्रस्तावित विधेयक को स्थगित कर दिया गया है।
प्रस्तावित अधिनियम के ड्राफ्ट के अनुसार कॉलेज शिक्षकों की सेवा शर्तें सरकारी कर्मचारियों के समान हो सकती हैं। साथ ही शिक्षकों के चुनाव लड़ने और किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने पर रोक लगाने का भी प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा कॉलेजों के विश्वविद्यालय से अलग होने की स्थिति में शिक्षकों के विश्वविद्यालय प्रोफेसर बनने की संभावनाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
प्रदर्शन के दौरान राजेंद्र कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार, कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के हरिहर मोहन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रस्तावित अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाने तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
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